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स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से कुष्ट रोग पर नियंत्रण!
Bijnor
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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धामपुर। स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से कुष्ट रोग पर नियंत्रण लगता नजर आ रहा है। पीएचसी में विगत साल 13 लोगों ने पंजीकरण कराया। इस वर्ष 11 लोगाें ने पंजीकृत किया। वर्तमान समय में धामपुर के सरकारी अस्पताल में 24 लोगाें को उपचार चल रहा है।
ब्लाक कुष्ट रोग नियंत्रक अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सर्किल बड़ा होने के कारण विभाग की तरफ से डोर टू डोर जाकर लोगों का परीक्षण किया जाना संभव नहीं है। लेकिन विभाग अपने तंत्र के माध्यम से ऐसे लोगाें के पास आराम से पहुंचने में सफल हो जाता है। इनमें कुष्ट रोग के लक्षण पैदा हो जाते हैं। पिछले वर्ष धामपुर में 13 लोगाें का पंजीकरण किया था। इस बार मात्र 11 लोग ही पंजीकृत हो पाए है। इसका मतलब है कि क्षेत्र में रोग के प्रति लोगाें में जागरूकता आई है और वह पीएचसी पर आकर स्वयं भी परीक्षण कराने में गुरेज नहीं करते हैं। इस समय अस्पताल की तरफ से जिन 24 लोगाें का इलाज चल रहा है कि उनमें 13 लोग पीवी केटगिरी के है। 11 लोग एमवी केटगिरी है। डॉ. ने बताया कि जो व्यक्ति रोग के लक्षणाें का पता लगने के बाद भी उपचार कराने में लापरवाही बरत लेते हैं तो उनमें विकलांगता आने शुरू हो जाती है।
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ब्लाक कुष्ट रोग नियंत्रक अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सर्किल बड़ा होने के कारण विभाग की तरफ से डोर टू डोर जाकर लोगों का परीक्षण किया जाना संभव नहीं है। लेकिन विभाग अपने तंत्र के माध्यम से ऐसे लोगाें के पास आराम से पहुंचने में सफल हो जाता है। इनमें कुष्ट रोग के लक्षण पैदा हो जाते हैं। पिछले वर्ष धामपुर में 13 लोगाें का पंजीकरण किया था। इस बार मात्र 11 लोग ही पंजीकृत हो पाए है। इसका मतलब है कि क्षेत्र में रोग के प्रति लोगाें में जागरूकता आई है और वह पीएचसी पर आकर स्वयं भी परीक्षण कराने में गुरेज नहीं करते हैं। इस समय अस्पताल की तरफ से जिन 24 लोगाें का इलाज चल रहा है कि उनमें 13 लोग पीवी केटगिरी के है। 11 लोग एमवी केटगिरी है। डॉ. ने बताया कि जो व्यक्ति रोग के लक्षणाें का पता लगने के बाद भी उपचार कराने में लापरवाही बरत लेते हैं तो उनमें विकलांगता आने शुरू हो जाती है।
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