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फर्जीवाड़े के आरोपी पर गिरी गाज
Bijnor
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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नांगलसोती। जिला सहकारी बैंक की नांगल शाखा में कार्यरत फर्जीवाडे़ के आरोपी बैंक सुपरवाइजर पर आखिरकार गाज गिर गई है। बैंक महाप्रबंधक ने मामले की जांच के आदेश दिए है। आरोपी को पद से हटा दिया गया है।
जिला सहकारी बैंक नांगलसोती की शाखा में कलीराम को किसान सहकारी समिति नांगल-जीतपुर-खानपुर का सदस्य बताकर बैंक में तैनात सुपरवाइजर जितेंद्र त्यागी ने उसके नाम पर 20 हजार रुपये का 29 अक्तूबर को कृषि ऋण का चैक बनाकर भुगतान हासिल कर लिया था। किसान सहकारी समिति के एमडी राजपाल सिंह ने इस मामले को पकड़ लिया था। एमडी राजपाल सिंह का कहना था कि इस नाम का कोई सदस्य इस समिति में नहीं है। ऋण भुगतान की तिथि 29 अक्तूबर दर्शाई गई है, जबकि उस दिन संचालक पदों पर चुनाव हुआ था। राजपाल सिंह का कहना है कि समिति को बैंक द्वारा पेमेंट स्लिप दे दी जाती है, लेकिन फर्जी होने के कारण बैंक द्वारा समिति को कोई स्लिप नहीं दी गई है। एमडी ने बताया कि फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत बैंक सचिव और महाप्रबंधक से की गई है। बैंक प्रबंधक मोहनलाल अग्रवाल ने फर्जीवाड़े के मामले को स्वीकार करते हुए सुपरवाइजर को फिलहाल हटा दिया है। उन्होंने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
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जिला सहकारी बैंक नांगलसोती की शाखा में कलीराम को किसान सहकारी समिति नांगल-जीतपुर-खानपुर का सदस्य बताकर बैंक में तैनात सुपरवाइजर जितेंद्र त्यागी ने उसके नाम पर 20 हजार रुपये का 29 अक्तूबर को कृषि ऋण का चैक बनाकर भुगतान हासिल कर लिया था। किसान सहकारी समिति के एमडी राजपाल सिंह ने इस मामले को पकड़ लिया था। एमडी राजपाल सिंह का कहना था कि इस नाम का कोई सदस्य इस समिति में नहीं है। ऋण भुगतान की तिथि 29 अक्तूबर दर्शाई गई है, जबकि उस दिन संचालक पदों पर चुनाव हुआ था। राजपाल सिंह का कहना है कि समिति को बैंक द्वारा पेमेंट स्लिप दे दी जाती है, लेकिन फर्जी होने के कारण बैंक द्वारा समिति को कोई स्लिप नहीं दी गई है। एमडी ने बताया कि फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत बैंक सचिव और महाप्रबंधक से की गई है। बैंक प्रबंधक मोहनलाल अग्रवाल ने फर्जीवाड़े के मामले को स्वीकार करते हुए सुपरवाइजर को फिलहाल हटा दिया है। उन्होंने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
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