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हाथियों के झुंड ने किसानों की फसल रौंदी
Updated Wed, 23 May 2018 12:28 AM IST
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रेहड़। वनों से निकले हाथियों के झुंड ने किसानों की लहलहाती फसल रौंद दी। वन्यजीवों के नुकसान को लेकर किसानों ने विभाग के खिलाफ जमकर हंगामा किया। उन्होंने डीएफओ से जांच कर वन्यजीवों से होने वाले नुकसान से निजात दिलाने की मांग की है। रेंजर ने जांच के बाद मुआवजा दिलाने की बात कही है।
सोमवार रात रायपुरी में हाथियों के झुंड ने चार किसानों की कई बीघा धान गन्ने की फसल रौंद डाली। खेतों में लगी बाड़ को तोड़ गन्ने और धान की फसल को नष्ट कर दिया। किसान अमित शर्मा, जुगल, सूरज प्रकाश, अमृतलाल शर्मा का आरोप है कि हाथियों के झुंड लगातार वन क्षेत्र से सटे अलीगंज, लालपुरी, मकोनिया आदि गांव में घुस आते हैं। कभी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं तो कभी घरों तांडव मचाते हैं। रविवार को भी एक हाथी ने लालपुरी में घुसकर जमकर उत्पात मचाया था। एक किसान के बछड़े को जान से मार दिया जबकि दो गाय अधमरी कर दी थी। नुकसान के बावजूद भी वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है। वन्यजीवों को वनों में रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हाथियों के नुकसान से किसान आजिज आ चुके हैं। कई बार वन्यजीव जान पर भारी पड़ जाते हैं। खेत में अकेले किसान को देखकर पीछे दौड़ पड़ते हैं। किसानों ने हंगामा कर डीएफओ से वन्यजीवों को वनों में ही रोकने की मांग की। किसानों ने चेताया यदि किसानों का नुकसान बंद नहीं हुआ तो वह वन रेंज कार्यालय में तालाबंदी कर देंगे।
पानी की तलाश में तो नहीं भटक रहे वन्यजीव
वन्यजीव प्रेमी विमल कुमार, मयंक भट्ट, पवन कौशिक का कहना है कि गर्मी तेज है। तापमान बढ़ने से अक्सर वनों में पानी की कमी आ जाती है। इसलिए वन्यजीव पानी की तलाश में मैदान में भाग लेते हैं। मैदान में आने के बाद शोर शराबे को सुनकर वन्यजीव हिंसक हो जाते हैं। हाथी शांतप्रिय जीव होता है। वह एकांत में रहना पंसद करता है। वन्यजीवों को वनों में रोकने के लिए वन विभाग को रेंज में बने बॉथटबों में पानी भरपूर रखना चाहिए। ताकि हाथी ने नहाने के साथ पानी के साथ अटखेलियां कर सके।
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वन्यजीवों को वनों में रोकने के पूरी कोशिश: रेंजर
रेंजर मोहम्मद इरफान का कहना है कि वन्यजीवों को वनों में रोकने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। गश्ती दल भी वन्यजीवों की पूरी तरह से निगरानी कर रहे हैं। रेंज में पानी की भरपूर व्यवस्था की गई है। अक्सर चहलकदमी कर वन्यजीवों निकल जाते हैं।
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सोमवार रात रायपुरी में हाथियों के झुंड ने चार किसानों की कई बीघा धान गन्ने की फसल रौंद डाली। खेतों में लगी बाड़ को तोड़ गन्ने और धान की फसल को नष्ट कर दिया। किसान अमित शर्मा, जुगल, सूरज प्रकाश, अमृतलाल शर्मा का आरोप है कि हाथियों के झुंड लगातार वन क्षेत्र से सटे अलीगंज, लालपुरी, मकोनिया आदि गांव में घुस आते हैं। कभी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं तो कभी घरों तांडव मचाते हैं। रविवार को भी एक हाथी ने लालपुरी में घुसकर जमकर उत्पात मचाया था। एक किसान के बछड़े को जान से मार दिया जबकि दो गाय अधमरी कर दी थी। नुकसान के बावजूद भी वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता है। वन्यजीवों को वनों में रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हाथियों के नुकसान से किसान आजिज आ चुके हैं। कई बार वन्यजीव जान पर भारी पड़ जाते हैं। खेत में अकेले किसान को देखकर पीछे दौड़ पड़ते हैं। किसानों ने हंगामा कर डीएफओ से वन्यजीवों को वनों में ही रोकने की मांग की। किसानों ने चेताया यदि किसानों का नुकसान बंद नहीं हुआ तो वह वन रेंज कार्यालय में तालाबंदी कर देंगे।
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पानी की तलाश में तो नहीं भटक रहे वन्यजीव
वन्यजीव प्रेमी विमल कुमार, मयंक भट्ट, पवन कौशिक का कहना है कि गर्मी तेज है। तापमान बढ़ने से अक्सर वनों में पानी की कमी आ जाती है। इसलिए वन्यजीव पानी की तलाश में मैदान में भाग लेते हैं। मैदान में आने के बाद शोर शराबे को सुनकर वन्यजीव हिंसक हो जाते हैं। हाथी शांतप्रिय जीव होता है। वह एकांत में रहना पंसद करता है। वन्यजीवों को वनों में रोकने के लिए वन विभाग को रेंज में बने बॉथटबों में पानी भरपूर रखना चाहिए। ताकि हाथी ने नहाने के साथ पानी के साथ अटखेलियां कर सके।
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वन्यजीवों को वनों में रोकने के पूरी कोशिश: रेंजर
रेंजर मोहम्मद इरफान का कहना है कि वन्यजीवों को वनों में रोकने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। गश्ती दल भी वन्यजीवों की पूरी तरह से निगरानी कर रहे हैं। रेंज में पानी की भरपूर व्यवस्था की गई है। अक्सर चहलकदमी कर वन्यजीवों निकल जाते हैं।