{"_id":"59ada3404f1c1b57738b503d","slug":"91504551744-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देर रात तक श्रोताओं ने कविताओं का आनन्द लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देर रात तक श्रोताओं ने कविताओं का आनन्द लिया
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। जिला कृषि ,औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में विराट कवि सम्मेलन का श्रोताओं ने देर रात तक आनन्द लिया।
स्थित इंदिरा बाल भवन में आयोजित कवि सम्मेलन का मां सरस्वती की वंदना से शुरू हुआ। जबलपुर से आये प्रसिद्ध कवि सुदीप भोला ने किसानों की पीड़ा कुछ इस तरह कही-जो देता है खुशहाली ,फिर भी किसान की बदहाली, देख कलेजा फट जाता है, आंखों से आंसू बहते हैं, बाली तक गिरवी रखी हैं ,ऐसी किसान की बदहाली । दिनेश रघुवंशी ने युवा पीढ़ी पर कुछ इस तरह कहा-मेरी आंखों का तारा ही ,मुझे आंखें दिखाता है, जिसे हरेक ख़ुशी दे दी ,वो हरेक गम से मिलाता है, सिखाया बोलना जिसको वो चुप रहना सिखाता है। वीररस के कवि मदन मोहन समर की कविताओं ने खूब वाहवाही लूटी। कवयित्री डॉ कीर्ति काले की कविता बेटी की विदाई खूब पसंद की गई। कवि सम्मेलन का शुभारंभ सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम के संयोजक ज्योति लाल शर्मा,निशांत राठौर ,दीपक गर्ग ने अतिथि कवियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। वरिष्ठ पत्रकार वीरेशबल ,अनूप खन्ना , जितेन्द्र कुमार शर्मा, शकील अहमद, अलोक गोविल , सज्जन कुमार, कपिल थापन , मरगूब रहमानी ,हसनैन नकवी ने विशिष्ठ अतिथियों का स्वागत किया। डॉ कुंवर बेचैन की अध्यक्षता व डॉ प्रवीण शुक्ल के संचालन में कवि सम्मलेन करीब दस बजे शुरू हुआ।
विज्ञापन
स्थित इंदिरा बाल भवन में आयोजित कवि सम्मेलन का मां सरस्वती की वंदना से शुरू हुआ। जबलपुर से आये प्रसिद्ध कवि सुदीप भोला ने किसानों की पीड़ा कुछ इस तरह कही-जो देता है खुशहाली ,फिर भी किसान की बदहाली, देख कलेजा फट जाता है, आंखों से आंसू बहते हैं, बाली तक गिरवी रखी हैं ,ऐसी किसान की बदहाली । दिनेश रघुवंशी ने युवा पीढ़ी पर कुछ इस तरह कहा-मेरी आंखों का तारा ही ,मुझे आंखें दिखाता है, जिसे हरेक ख़ुशी दे दी ,वो हरेक गम से मिलाता है, सिखाया बोलना जिसको वो चुप रहना सिखाता है। वीररस के कवि मदन मोहन समर की कविताओं ने खूब वाहवाही लूटी। कवयित्री डॉ कीर्ति काले की कविता बेटी की विदाई खूब पसंद की गई। कवि सम्मेलन का शुभारंभ सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम के संयोजक ज्योति लाल शर्मा,निशांत राठौर ,दीपक गर्ग ने अतिथि कवियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। वरिष्ठ पत्रकार वीरेशबल ,अनूप खन्ना , जितेन्द्र कुमार शर्मा, शकील अहमद, अलोक गोविल , सज्जन कुमार, कपिल थापन , मरगूब रहमानी ,हसनैन नकवी ने विशिष्ठ अतिथियों का स्वागत किया। डॉ कुंवर बेचैन की अध्यक्षता व डॉ प्रवीण शुक्ल के संचालन में कवि सम्मलेन करीब दस बजे शुरू हुआ।