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ईद की नमाज छूटने से नमाजियों में रोष
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:24 AM IST
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नींदडू़। लगातार बारिश होने से ईद-उल-अजहा की नमाज का कार्यक्रम तब्दील करते हुए इसे पुन: निर्धारित किया गया था, लेकिन नए कार्यक्रम को ठीक से क्रियान्वित नहीं किए जाने से सैकड़ों लोगों की ईद की नमाज छूट गई। इससे उनमें जबरदस्त रोष देखा गया।
ईद-उल-अजहा की नमाज का समय ईदगाह में आठ व जामा मस्जिद में सवा आठ बजे निर्धारित किया गया था। शनिवार को लगातार वर्षा के चलते शहर इमाम काजी नूर अहमद फारूकी ने नमाज का समय तब्दील करते हुए जामा मसजिद समेत आबादी क्षेत्र की मस्जिदों में ईद की नमाज का समय आठ बजे और धामपुर-नूरपुर मार्ग के दोनों ओर की मस्जिद अबुबक्र, मस्जिद जीनतुल इस्लाम, सुनहरी मस्जिद, मोती मस्जिद, चांद मस्जिद व उमर मस्जिद में नमाज का समय 8.15 बजे निर्धारित करते हुए मस्जिद के लाउडस्पीकर से कई बार एलान कराया था। उधर, जामा मस्जिद समेत अंदरूनी मस्जिदों में तो ईद-उल-अजहा की नमाज 8.00 अदा की गई, लेकिन भ्रमवश 8.15 बजे की मस्जिदों में भी ईद की नमाज 8.00 बजे ही पढ़ ली गई, इससे नमाजियों में काफी रोष देखा गया। इस बाबत काजी नूर अहमद फारूकी का कहना है कि नए कार्यक्रम के मुताबिक नमाज पढ़ानी चाहिए थी, जबकि मस्जिद जीनतुल इस्लाम के मोलवी शमशीर अहमद ने बताया कि नमाज का समय 7.55 रखा गया था, लेकिन आसपास के गांवों से आने वाले लोगों का इंतजार कर 8.00 बजे के बाद नमाज पढ़ाई गई।
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ईद-उल-अजहा की नमाज का समय ईदगाह में आठ व जामा मस्जिद में सवा आठ बजे निर्धारित किया गया था। शनिवार को लगातार वर्षा के चलते शहर इमाम काजी नूर अहमद फारूकी ने नमाज का समय तब्दील करते हुए जामा मसजिद समेत आबादी क्षेत्र की मस्जिदों में ईद की नमाज का समय आठ बजे और धामपुर-नूरपुर मार्ग के दोनों ओर की मस्जिद अबुबक्र, मस्जिद जीनतुल इस्लाम, सुनहरी मस्जिद, मोती मस्जिद, चांद मस्जिद व उमर मस्जिद में नमाज का समय 8.15 बजे निर्धारित करते हुए मस्जिद के लाउडस्पीकर से कई बार एलान कराया था। उधर, जामा मस्जिद समेत अंदरूनी मस्जिदों में तो ईद-उल-अजहा की नमाज 8.00 अदा की गई, लेकिन भ्रमवश 8.15 बजे की मस्जिदों में भी ईद की नमाज 8.00 बजे ही पढ़ ली गई, इससे नमाजियों में काफी रोष देखा गया। इस बाबत काजी नूर अहमद फारूकी का कहना है कि नए कार्यक्रम के मुताबिक नमाज पढ़ानी चाहिए थी, जबकि मस्जिद जीनतुल इस्लाम के मोलवी शमशीर अहमद ने बताया कि नमाज का समय 7.55 रखा गया था, लेकिन आसपास के गांवों से आने वाले लोगों का इंतजार कर 8.00 बजे के बाद नमाज पढ़ाई गई।
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