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चुनाव हटते ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन पर ब्रेक
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:11 AM IST
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अदेयता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पर ब्रेक
बिजनौर।
निकाय चुनाव पीछे हटने के साथ ही दावेदारों ने नगर पालिका से अदेयता प्रमाण पत्र (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) बनवाने से भी हाथ खींचना शुरू कर दिया है। चुनाव लड़ने के दावेदार भले अब इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं, लेकिन जनता के बीच रहकर प्रचार में लगे हुए हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को हाउस टैक्स व जल कर देना होता है। निकाय चुनाव में सभासद या चेयरमैन का चुनाव लड़ने के लिए नगर पालिका से इस टैक्स का अदेयता प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है। यह इस बात का प्रमाण होता है कि धारक पर नगर पालिका का किसी तरह का टैक्स बकाया नहीं है। चुनाव लड़ने वाले के नाम प्रॉपर्टी नहीं है तो उसे अपने सगे संबंधी का अदेेयता प्रमाण पत्र नगर पालिका से लेना होता है।
विधानसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव के दावेदारों ने प्रचार शुरू कर दिया था। साथ ही अदेयता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने लगे थे। अब चुनाव पीछे हटते ही प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पर भी ब्रेक लग गया है। हालांकि दावेदार प्रचार में अब भी पहले की तरह डटे हैं। मोहल्लों में दिन-रात बैठकें हो रही हैं। नगर पालिका बिजनौर के कर निर्धारण अधिकारी एके सिंह के अनुसार, अब तक 70 अदेयता प्रमाण पत्र बने हैं।
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बिजनौर।
निकाय चुनाव पीछे हटने के साथ ही दावेदारों ने नगर पालिका से अदेयता प्रमाण पत्र (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) बनवाने से भी हाथ खींचना शुरू कर दिया है। चुनाव लड़ने के दावेदार भले अब इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं, लेकिन जनता के बीच रहकर प्रचार में लगे हुए हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को हाउस टैक्स व जल कर देना होता है। निकाय चुनाव में सभासद या चेयरमैन का चुनाव लड़ने के लिए नगर पालिका से इस टैक्स का अदेयता प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है। यह इस बात का प्रमाण होता है कि धारक पर नगर पालिका का किसी तरह का टैक्स बकाया नहीं है। चुनाव लड़ने वाले के नाम प्रॉपर्टी नहीं है तो उसे अपने सगे संबंधी का अदेेयता प्रमाण पत्र नगर पालिका से लेना होता है।
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विधानसभा चुनाव के बाद निकाय चुनाव के दावेदारों ने प्रचार शुरू कर दिया था। साथ ही अदेयता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने लगे थे। अब चुनाव पीछे हटते ही प्रमाण पत्र के लिए आवेदन पर भी ब्रेक लग गया है। हालांकि दावेदार प्रचार में अब भी पहले की तरह डटे हैं। मोहल्लों में दिन-रात बैठकें हो रही हैं। नगर पालिका बिजनौर के कर निर्धारण अधिकारी एके सिंह के अनुसार, अब तक 70 अदेयता प्रमाण पत्र बने हैं।
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