{"_id":"595be4354f1c1be71c8b47d6","slug":"91499194421-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक सप्ताह से बंद है कांच की शीशी बनाने के कारखाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक सप्ताह से बंद है कांच की शीशी बनाने के कारखाने
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी : कांच की शीशी बनाने के कारखाने एक हफ्ते से बंद
किरतपुर (बिजनौर)। पूर्व में कर मुक्त रही 25 एमएल क्षमता की हाथ से बनी कांच की शीशी पर जीएसटी में स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके चलते नगर में स्थित कांच की शीशियां बनाने वाले कारखाने पिछले एक सप्ताह से बंद हैं। इस कारण हजारों दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
यूपी हैंडमेड ग्लास मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के सेक्रेटरी जहीर आलम का कहना है कि उनके द्वारा उत्पादित की जाने वाली 25 एमएल क्षमता वाली शीशियों पर पहले कोई कर नहीं था। एक जुलाई से लागू जीएसटी में कर की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण फैक्टी स्वामी असमंजस में हैं। नुकसान होने के डर के चलते उन्होंने उत्पादन बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने वाणिज्य कर विभाग बिजनौर के एडिशनल कमिश्नर के माध्यम से एक ज्ञापन केंद्रीय वित्त मंत्री को प्रेषित कर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस बारे में शीघ्र ही एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर सक्षम अधिकारियों से मिलेगा।
विज्ञापन
किरतपुर (बिजनौर)। पूर्व में कर मुक्त रही 25 एमएल क्षमता की हाथ से बनी कांच की शीशी पर जीएसटी में स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके चलते नगर में स्थित कांच की शीशियां बनाने वाले कारखाने पिछले एक सप्ताह से बंद हैं। इस कारण हजारों दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
यूपी हैंडमेड ग्लास मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के सेक्रेटरी जहीर आलम का कहना है कि उनके द्वारा उत्पादित की जाने वाली 25 एमएल क्षमता वाली शीशियों पर पहले कोई कर नहीं था। एक जुलाई से लागू जीएसटी में कर की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण फैक्टी स्वामी असमंजस में हैं। नुकसान होने के डर के चलते उन्होंने उत्पादन बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने वाणिज्य कर विभाग बिजनौर के एडिशनल कमिश्नर के माध्यम से एक ज्ञापन केंद्रीय वित्त मंत्री को प्रेषित कर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। इस बारे में शीघ्र ही एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर सक्षम अधिकारियों से मिलेगा।
विज्ञापन