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धनौरा ब्लाक में लाखों का फर्जीवाड़ा, जांच को दो सदस्यीय कमेटी गठित
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:16 AM IST
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जिला विकास अधिकारी ने अभिलेखों के निरीक्षण में पकड़ी थी गड़बड़ी
स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिली धनराशि को दूसरे कार्यों पर किया खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
धनौरा ब्लाक में लाखों के फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। जिला विकास अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी ने अभिलेखों के निरीक्षण में गड़बड़ी पकड़ी है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत दी गई धनराशि को अधिकारियों ने दूसरे कार्यों पर खर्च कर डाला। 14 वें वित्त आयोग की धनराशि को भी बंदरबांट कर दिया। बड़े फर्जीवाड़े की आशंका को देखते हुए अफसरों ने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। जल्द से जल्द कमेटी सदस्यों को जांच पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत कार्यालय व अन्य खर्चों के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि धनौरा ब्लाक के अधिकारियों को उपलब्ध कराई थी। ब्लाक स्वच्छता प्रबंधन इकाई के अनुमोदन कराकर ही इस धनराशि को खर्च किया जाना था, लेकिन अधिकारियों ने उसकी कोई परवाह नहीं की। धनराशि अन्य कामों पर व्यय कर दी। यही हालत 14 वें वित्तीय आयोग के तहत मिली धनराशि में भी देखने को मिली।
गड़बड़ी कर करीब तीन लाख रुपये अधिकारियों ने ठिकाने लगा दिए। न किसी काम का बिल व बाउचर मिला और न कोई समिति का अनुमोदन पाया। किसी तरह का टेंडर भी नहीं निकला। कुछ बिल पाए गए तो वह फर्जी प्रतीत हुए। यह खुलासा तब हुआ जब एक दिन डीडीओ ने ब्लाक का निरीक्षण कर अभिलेखों को खंगालने की कार्रवाई शुरू की। बड़ी गड़बड़ी सामने आने और कई लोगों की संलिप्तता पाए जाने पर डीडीओ ने गहनता से जांच कराने का फैसला लिया।
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कमिश्नर के आदेश पर दोबारा चालू हुई जांच
अमरोहा। लाखों की गड़बड़ी के इस मामले में शुरूआती जांच डीडीओ द्वारा की गई थी, जिसके आधार पर उन्होंने एडीओ पंचायत को ब्लाक से हटाकर दूसरे ब्लाक भेज दिया था। इस पर एडीओ पंचायत हाईकोर्ट से आदेश ले आए थे, जिस पर अफसरों को उनका तबादला निरस्त करना पड़ा। धनौरा ब्लाक में ही तैनाती दे दी। इसके बाद यह प्रकरण मंडलायुक्त के दरबार में पहुंच गया। कमिश्नर के आदेश पर ही मामले की फिर से अफसरों द्वारा जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के चेहरे बेनकाब होंगे और कार्रवाई की जाएगी।
धनौरा ब्लाक में गड़बड़ी मिली है। तकरीबन तीन लाख रुपये से अधिक का मसला है। गड़बड़ी की जांच कराई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी व लेखाधिकारी दोनों की कमेटी बनाई गई है। यही दोनों अधिकारी गड़बड़ी की पड़ताल करेंगे। दोनों को जल्द रिपोर्ट प्राप्त कराने के लिए कहा गया है।
- मदन वर्मा, सीडीओ/डीडीओ।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिली धनराशि को दूसरे कार्यों पर किया खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
धनौरा ब्लाक में लाखों के फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। जिला विकास अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी ने अभिलेखों के निरीक्षण में गड़बड़ी पकड़ी है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत दी गई धनराशि को अधिकारियों ने दूसरे कार्यों पर खर्च कर डाला। 14 वें वित्त आयोग की धनराशि को भी बंदरबांट कर दिया। बड़े फर्जीवाड़े की आशंका को देखते हुए अफसरों ने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। जल्द से जल्द कमेटी सदस्यों को जांच पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत कार्यालय व अन्य खर्चों के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि धनौरा ब्लाक के अधिकारियों को उपलब्ध कराई थी। ब्लाक स्वच्छता प्रबंधन इकाई के अनुमोदन कराकर ही इस धनराशि को खर्च किया जाना था, लेकिन अधिकारियों ने उसकी कोई परवाह नहीं की। धनराशि अन्य कामों पर व्यय कर दी। यही हालत 14 वें वित्तीय आयोग के तहत मिली धनराशि में भी देखने को मिली।
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गड़बड़ी कर करीब तीन लाख रुपये अधिकारियों ने ठिकाने लगा दिए। न किसी काम का बिल व बाउचर मिला और न कोई समिति का अनुमोदन पाया। किसी तरह का टेंडर भी नहीं निकला। कुछ बिल पाए गए तो वह फर्जी प्रतीत हुए। यह खुलासा तब हुआ जब एक दिन डीडीओ ने ब्लाक का निरीक्षण कर अभिलेखों को खंगालने की कार्रवाई शुरू की। बड़ी गड़बड़ी सामने आने और कई लोगों की संलिप्तता पाए जाने पर डीडीओ ने गहनता से जांच कराने का फैसला लिया।
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कमिश्नर के आदेश पर दोबारा चालू हुई जांच
अमरोहा। लाखों की गड़बड़ी के इस मामले में शुरूआती जांच डीडीओ द्वारा की गई थी, जिसके आधार पर उन्होंने एडीओ पंचायत को ब्लाक से हटाकर दूसरे ब्लाक भेज दिया था। इस पर एडीओ पंचायत हाईकोर्ट से आदेश ले आए थे, जिस पर अफसरों को उनका तबादला निरस्त करना पड़ा। धनौरा ब्लाक में ही तैनाती दे दी। इसके बाद यह प्रकरण मंडलायुक्त के दरबार में पहुंच गया। कमिश्नर के आदेश पर ही मामले की फिर से अफसरों द्वारा जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के चेहरे बेनकाब होंगे और कार्रवाई की जाएगी।
धनौरा ब्लाक में गड़बड़ी मिली है। तकरीबन तीन लाख रुपये से अधिक का मसला है। गड़बड़ी की जांच कराई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी व लेखाधिकारी दोनों की कमेटी बनाई गई है। यही दोनों अधिकारी गड़बड़ी की पड़ताल करेंगे। दोनों को जल्द रिपोर्ट प्राप्त कराने के लिए कहा गया है।
- मदन वर्मा, सीडीओ/डीडीओ।