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जल निगम के खाते में पड़ 15 करोड़ रूपये लखनऊ मंगवाए
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:52 AM IST
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जल निगम के खाते में पड़ी रकम लखनऊ मंगवाई
बिजनौर। जल निगम में अब किसी भी योजना का पैसा नहीं आएगा। ठेकेदारों के खाते में सीधे लखनऊ से पैसा जाया करेगा। शासन ने यह व्यवस्था लागू कर दी है। जल निगम के खाते में पड़े ग्रामीण पेयजल योजना के 15 करोड़ रुपये को भी लखनऊ मंगवा लिया गया है।
जल निगम की सभी योजना का पैसा अब तक बिजनौर आता था। जल निगम के खाते से ही ठेकेदारों का भुगतान होता था। अफसर ही योजना में किए काम का भुगतान करते थे। पर अब इस व्यवस्था पर शासन ने पूरी तरह रोक लगा दी है। अब ये पैसा जल निगम के खाते में नहीं आएगा। ठेकेदारों का सीधे लखनऊ से भुगतान किया जाएगा। ठेकेदारों के खाते में सीधे पैसा लखनऊ से आएगा। सूत्रों के मुताबिक पैसे की बंदरबांट रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है। शासन ने तय किया है कि पेयजल से जुड़ी सभी योजना का भुगतान शासन स्तर से होगा। जिले के किसी अफसर को भुगतान करने का अधिकार नहीं होगा। जल निगम बिजनौर के खाते में पड़े ग्रामीण पेयजल योजना के 15 करोड़ रुपये भी लखनऊ मंगवा लिए गए हैं। ये सभी पैसा जल निगम के एमडी के खाते में डाला गया है। जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार त्यागी के मुताबिक अब विभाग ने धन की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी है। जल निगम से जुड़ी किसी भी योजना का पैसा अब बिजनौर नहीं आएगा।
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बिजनौर। जल निगम में अब किसी भी योजना का पैसा नहीं आएगा। ठेकेदारों के खाते में सीधे लखनऊ से पैसा जाया करेगा। शासन ने यह व्यवस्था लागू कर दी है। जल निगम के खाते में पड़े ग्रामीण पेयजल योजना के 15 करोड़ रुपये को भी लखनऊ मंगवा लिया गया है।
जल निगम की सभी योजना का पैसा अब तक बिजनौर आता था। जल निगम के खाते से ही ठेकेदारों का भुगतान होता था। अफसर ही योजना में किए काम का भुगतान करते थे। पर अब इस व्यवस्था पर शासन ने पूरी तरह रोक लगा दी है। अब ये पैसा जल निगम के खाते में नहीं आएगा। ठेकेदारों का सीधे लखनऊ से भुगतान किया जाएगा। ठेकेदारों के खाते में सीधे पैसा लखनऊ से आएगा। सूत्रों के मुताबिक पैसे की बंदरबांट रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है। शासन ने तय किया है कि पेयजल से जुड़ी सभी योजना का भुगतान शासन स्तर से होगा। जिले के किसी अफसर को भुगतान करने का अधिकार नहीं होगा। जल निगम बिजनौर के खाते में पड़े ग्रामीण पेयजल योजना के 15 करोड़ रुपये भी लखनऊ मंगवा लिए गए हैं। ये सभी पैसा जल निगम के एमडी के खाते में डाला गया है। जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार त्यागी के मुताबिक अब विभाग ने धन की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी है। जल निगम से जुड़ी किसी भी योजना का पैसा अब बिजनौर नहीं आएगा।
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