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निजी चीनी मिलों से गन्ना पर्चियों के वितरण का अधिकार छीना
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:25 AM IST
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बिजनौर। शासन निजी चीनी मिलों पर शिकंजा कसने में लगा है। इसी क्रम में निजी चीनी मिलों से किसानों को गन्ना पर्चियों के बांटने का अधिकार छीन लिया गया है। अब गन्ना विभाग अपने कर्मचारियों से गांव में किसानों को सीधे गन्ना पर्ची बटवाएगा। गन्ना विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है ।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार जिले में नौ चीनी मिल हैं। इनमें नजीबाबाद सहकारिता क्षेत्र की है, बाकी आठ निजी क्षेत्र की हैं। बिलाई, बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल क्षेत्र के किसानों को गन्ना पर्चियों का वितरण गन्ना विभाग करता है। धामपुर, स्योहारा, अफजलगढ़, बूंदकी, बरकातपुर चीनी मिल गन्ना पर्चियों का वितरण अपने स्तर से करती हैं। आरोप है कि किसानों द्वारा गन्ना पर्चियों के वितरण में गड़बड़ी की शिकायत की जा रही थी। रकबे व पैदावार मं धांधली हो रही थी। मामला शासन तक पहुंचा। इस पर शासन ने सभी निजी चीनी मिलों से गन्ना पर्चियों के वितरण का अधिकार वापिस ले लिया है। जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार इस बारे में गन्ना आयुक्त के निर्देश मिल गए हैं। विभाग ने अमल शुरू कर दिया है ।
गन्ना आयुक्त के हाथ में रहेगी चाबी
बिजनौर। अब गन्ना सर्वे के संशोधन में मनमानी नहीं हो सकेगी। संशोधन का कंट्रोल गन्ना आयुक्त के पास रहेगा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार संशोधन का कंप्यूटर पासवर्ड होता है। अब तक पासवर्ड क्षेत्रीय स्तर पर होता था। गड़बड़ी गन्ना आयुक्त कंट्रोल रूम की पकड़ में आ जाएगी। बताया कि गन्ना सर्वे सूची का प्रदर्शन शुरू हो गया है। कर्मचारी गांव-गांव जा रहे हैं। किसान सूची में पेड़ी, पौधा किस्म चेक कर लें। अपना बैंक खाता, आधार कार्ड नंबर दर्ज करा दें। पेराई सीजन में संशोधन संभव नहीं होगा।
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जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार जिले में नौ चीनी मिल हैं। इनमें नजीबाबाद सहकारिता क्षेत्र की है, बाकी आठ निजी क्षेत्र की हैं। बिलाई, बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल क्षेत्र के किसानों को गन्ना पर्चियों का वितरण गन्ना विभाग करता है। धामपुर, स्योहारा, अफजलगढ़, बूंदकी, बरकातपुर चीनी मिल गन्ना पर्चियों का वितरण अपने स्तर से करती हैं। आरोप है कि किसानों द्वारा गन्ना पर्चियों के वितरण में गड़बड़ी की शिकायत की जा रही थी। रकबे व पैदावार मं धांधली हो रही थी। मामला शासन तक पहुंचा। इस पर शासन ने सभी निजी चीनी मिलों से गन्ना पर्चियों के वितरण का अधिकार वापिस ले लिया है। जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार इस बारे में गन्ना आयुक्त के निर्देश मिल गए हैं। विभाग ने अमल शुरू कर दिया है ।
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गन्ना आयुक्त के हाथ में रहेगी चाबी
बिजनौर। अब गन्ना सर्वे के संशोधन में मनमानी नहीं हो सकेगी। संशोधन का कंट्रोल गन्ना आयुक्त के पास रहेगा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार संशोधन का कंप्यूटर पासवर्ड होता है। अब तक पासवर्ड क्षेत्रीय स्तर पर होता था। गड़बड़ी गन्ना आयुक्त कंट्रोल रूम की पकड़ में आ जाएगी। बताया कि गन्ना सर्वे सूची का प्रदर्शन शुरू हो गया है। कर्मचारी गांव-गांव जा रहे हैं। किसान सूची में पेड़ी, पौधा किस्म चेक कर लें। अपना बैंक खाता, आधार कार्ड नंबर दर्ज करा दें। पेराई सीजन में संशोधन संभव नहीं होगा।
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