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गायों के कम्पोस्ट का प्रयोग फसलों पर करें
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:34 AM IST
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अमरोहा। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को गोरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम ने कहा कि जिला कृषि अधिकारी जनपद के बड़े किसानों से संपर्क कर गोमूत्र का छिड़काव फसलों पर करवाएं और गायों के कम्पोस्ट का भी फसलों के प्रयोग में लाए।
उन्होंने कहा कि गोमूत्र, गोबर और उनके द्वारा उत्पादित उत्पाद के बारे में अधीनस्थों से जानकारी ली। जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के लिए गजरौला में कृषि विज्ञान केंद्र खोला गया है। कृषि और पशुपालन से संबंधित कोई भी जानकारी या सुझाव केंद्र से लिया जा सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिले के बड़े किसानों से संपर्क स्थापित कर गोमूत्र का छिड़काव फसलों पर करवाया जाए। गायों के कम्पोस्ट को भी फसलों के उपयोग में लाए। दूध में मिलावट रोकने को डीएम ने रात्रि में छापेमारी अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद के लिए दो पशु आश्रय स्थल निर्माण की अनुमति शासन से मिल गई है। भूमि उपलब्ध होने पर शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इस दौरान डीएम ने कहा कि गाय मृत होती है, तो गोशाला मुखिया अपने ही खेत में गड्ढा कर सुपुर्द कर दें। गोशाला रक्षक गोमूत्र का फिनायल बनाकर उसे कीटनाशकों के प्रयोग में ला सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि गोमूत्र, गोबर और उनके द्वारा उत्पादित उत्पाद के बारे में अधीनस्थों से जानकारी ली। जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के लिए गजरौला में कृषि विज्ञान केंद्र खोला गया है। कृषि और पशुपालन से संबंधित कोई भी जानकारी या सुझाव केंद्र से लिया जा सकते हैं। डीएम ने कहा कि जिले के बड़े किसानों से संपर्क स्थापित कर गोमूत्र का छिड़काव फसलों पर करवाया जाए। गायों के कम्पोस्ट को भी फसलों के उपयोग में लाए। दूध में मिलावट रोकने को डीएम ने रात्रि में छापेमारी अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद के लिए दो पशु आश्रय स्थल निर्माण की अनुमति शासन से मिल गई है। भूमि उपलब्ध होने पर शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इस दौरान डीएम ने कहा कि गाय मृत होती है, तो गोशाला मुखिया अपने ही खेत में गड्ढा कर सुपुर्द कर दें। गोशाला रक्षक गोमूत्र का फिनायल बनाकर उसे कीटनाशकों के प्रयोग में ला सकते हैं।
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