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सोलर पंप से सिंचाई
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:24 AM IST
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बिजनौर। सोलर एनर्जी को सिंचाई के लिए प्रयोग करने के लिए इस बार 415 किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाए जाएंगे। पिछले साल के मुकाबले इस बार लक्ष्य को दोगुने से भी अधिक बढ़ाया गया है। जिले में इस बार 415 सोलर पंप लगेंगे। शासन ने इसके लिए लक्ष्य जारी कर दिए हैं।
जिले के अधिकतर किसान ट्यूबवेल से अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं, लेकिन बिजली की आंख मिचौली किसानों के लिए चिंता का कारण रहती है। निगम कर्मचारियों की लापरवाही से तो कई बार ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर फूंकने के कई कई दिन बाद भी बदला नहीं जाता है। ऐसे में सूरज की रोशन को ऊर्जा के नए विकल्प के रूप में किसानों के बीच ले जाया जा रहा है। सोलर पैनल लगाने पर किसानों को केंद्र सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। किसान कृषि विभाग में सोलर पंप सेट लगवाने के लिए आवेदन करते हैं। किसानों को सोलर पंप ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर दिए जाते हैं। पिछले साल जिले में 200 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य दिया गया था। उपकृषि निदेशक जेपी चौधरी के अनुसार इस साल शासन से सोलर पंप लगवाने के लिए लक्ष्य मिल गया है। इस बार जिले में 415 सोलर पंप लगवाए जाएंगे। आवेदन जमा करने वाले किसानों को सूचित किया जा रहा है। आवेदन करने वाले किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए सूचित किया जा रहा है।
सोलर पंप से एक दिन में करीब तीन बीघा जमीन में खड़ी फसल की सिंचाई आराम से हो जाती है। सोलर एनर्जी से सिंचाई सुबह सूरज निकलते ही शुरू हो जाती है और सूरज ढलने तक सिंचाई की जा सकती है। सर्दियों में अधिक कोहरा छाने से कभी कभी दिक्कत आती है। हालांकि तब भी सिंचाई हो जाती है।
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इतना है अनुदान
सोलर पंप पर सरकार द्वारा काफी अनुदान दिया जाता है। दो एचपी के सोलर पंप पर 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके बाद किसान को केवल 50 हजार 820 रुपये ही देने होंगे। तीन एचपी के सोलर पंप पर भी 70 प्रतिशत सब्सिडी देय है। इसे देने के बाद किसान को 80 हजार 997 रुपये देने होंगे। पांच एचपी के सोलर पंप पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। सब्सिडी मिलने के बाद किसान को दो लाख 5,200 रुपये देने होंगे।
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जिले के अधिकतर किसान ट्यूबवेल से अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं, लेकिन बिजली की आंख मिचौली किसानों के लिए चिंता का कारण रहती है। निगम कर्मचारियों की लापरवाही से तो कई बार ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर फूंकने के कई कई दिन बाद भी बदला नहीं जाता है। ऐसे में सूरज की रोशन को ऊर्जा के नए विकल्प के रूप में किसानों के बीच ले जाया जा रहा है। सोलर पैनल लगाने पर किसानों को केंद्र सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। किसान कृषि विभाग में सोलर पंप सेट लगवाने के लिए आवेदन करते हैं। किसानों को सोलर पंप ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर दिए जाते हैं। पिछले साल जिले में 200 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य दिया गया था। उपकृषि निदेशक जेपी चौधरी के अनुसार इस साल शासन से सोलर पंप लगवाने के लिए लक्ष्य मिल गया है। इस बार जिले में 415 सोलर पंप लगवाए जाएंगे। आवेदन जमा करने वाले किसानों को सूचित किया जा रहा है। आवेदन करने वाले किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए सूचित किया जा रहा है।
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सोलर पंप से एक दिन में करीब तीन बीघा जमीन में खड़ी फसल की सिंचाई आराम से हो जाती है। सोलर एनर्जी से सिंचाई सुबह सूरज निकलते ही शुरू हो जाती है और सूरज ढलने तक सिंचाई की जा सकती है। सर्दियों में अधिक कोहरा छाने से कभी कभी दिक्कत आती है। हालांकि तब भी सिंचाई हो जाती है।
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इतना है अनुदान
सोलर पंप पर सरकार द्वारा काफी अनुदान दिया जाता है। दो एचपी के सोलर पंप पर 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके बाद किसान को केवल 50 हजार 820 रुपये ही देने होंगे। तीन एचपी के सोलर पंप पर भी 70 प्रतिशत सब्सिडी देय है। इसे देने के बाद किसान को 80 हजार 997 रुपये देने होंगे। पांच एचपी के सोलर पंप पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। सब्सिडी मिलने के बाद किसान को दो लाख 5,200 रुपये देने होंगे।