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छात्र गांव गांव जगाएंगे स्वच्छता की अलख
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:51 AM IST
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बिजनौर। स्कूलों के छात्र छात्राएं गांव गांव स्वच्छता की अलख लगाएंगे। स्वच्छता ही सेवा विषय पर खेलकूद,वाद विवाद व नाटक मंचन का प्रतियोगिता होंगी। स्वच्छता कार्यक्रम की लघु फिल्म बनाई जाएगी। विद्यालय स्वच्छता के कार्यक्रमों में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने छात्र छात्राओं के नाम पुरस्कार के लिए डीआईओएस दफ्तर को भेजेंगे।
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत जिले के राजकीय इंटर कॉलेज,डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कालेजों सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक विकास भवन में ली। सीडीओ ने बताया कि दो अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जाएगा। छात्र छात्राओं को खुले में शौच के दुष्परिणामों के बारे में बताएं। स्वच्छता ही सेवा की स्कूलों में शपथ दिलाएं। विद्यालय परिसर की दीवारों पर स्वच्छता संबंधी नारे लिखे जाएं। गांवों में रैली निकालकर लोगों को जागरूक करें। छात्र छात्र अपने गांव की शक्तिमान सेना का हिस्सा बनकर स्वच्छता अभियान में सहयोग करें। गांवों में जो कार्यक्रम आयोजित किए जाए विद्यालय उनकी लघु फिल्म तैयार कराएं। स्वच्छता से संबंधित जो भी कार्यक्रम हों उनमें सर्वश्रेष्ठ तीन तीन कृतियों को डीआईओएस दफ्तर भेजा जाए। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार प्रधानाचार्यों को स्वच्छता कार्यक्रम के बारे में दिए गए निर्देर्शो का पालन करने के लिए निर्देश भेजे जा रहे हैं। वह स्वयं तथा एडीआईओएस औचक निरीक्षण करेंगे। भौतिक सत्यापन के लिए टीम बनाई जा रही हैं। एडीआईओएस सत्यवीर सिंह मौजूद रहे।
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सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत जिले के राजकीय इंटर कॉलेज,डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कालेजों सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बैठक विकास भवन में ली। सीडीओ ने बताया कि दो अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जाएगा। छात्र छात्राओं को खुले में शौच के दुष्परिणामों के बारे में बताएं। स्वच्छता ही सेवा की स्कूलों में शपथ दिलाएं। विद्यालय परिसर की दीवारों पर स्वच्छता संबंधी नारे लिखे जाएं। गांवों में रैली निकालकर लोगों को जागरूक करें। छात्र छात्र अपने गांव की शक्तिमान सेना का हिस्सा बनकर स्वच्छता अभियान में सहयोग करें। गांवों में जो कार्यक्रम आयोजित किए जाए विद्यालय उनकी लघु फिल्म तैयार कराएं। स्वच्छता से संबंधित जो भी कार्यक्रम हों उनमें सर्वश्रेष्ठ तीन तीन कृतियों को डीआईओएस दफ्तर भेजा जाए। डीआईओएस राजेश कुमार के अनुसार प्रधानाचार्यों को स्वच्छता कार्यक्रम के बारे में दिए गए निर्देर्शो का पालन करने के लिए निर्देश भेजे जा रहे हैं। वह स्वयं तथा एडीआईओएस औचक निरीक्षण करेंगे। भौतिक सत्यापन के लिए टीम बनाई जा रही हैं। एडीआईओएस सत्यवीर सिंह मौजूद रहे।
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