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बरसात के मौसम में अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:11 AM IST
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मौसमी बीमारियों ने पैर पसारे
बिजनौर।
बरसात का मौसम शुरू होते ही मौसमी बीमारियां जोर पकडने लगी हैं। अस्पतालों में इनसे पीड़ित मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में इन दिनों अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त व बुखार के भर्ती हैं। चिकित्सकों ने मौसमी बीमारियों में सतर्कता बरतने को कहा है। नहीं तो मौसमी बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
बरसात शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप शुरू हो गया है। साथ ही उल्टी-दस्त, बुखार व सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। अस्पतालों में उल्टी-दस्त, बुखार व सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सक डॉ. योगेंद्र तिरखा के मुताबिक, पहले ओपीडी में करीब 150 मरीज रोज आते थे, लेकिन इन दिनों यह तादाद 250 से 275 तक पहुंच गई है। जिला अस्पताल में 102 बैड हैं। इनमें से 50 अधिक पर बुखार व उल्टी-दस्त के मरीज भर्ती हैं। उन्होंने उल्टी-दस्त, बुखार व सांस के मरीजों को सावधानी बरतने और अधिक परेशानी होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपचार कराने को कहा है।
सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल का कहना है कि बरसात के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है। उल्टी-दस्त व बुखार के लिए सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां और सुविधाएं हैं। कोई भी परेशानी होने पर मरीज व तीमारदार उनसे संपर्क कर सकते है।
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सभी के लिए जरूरी है सावधानी
डॉ. योगेंद्र तिरखा और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके सिंह के अनुसार, बीमारियों से बचने के लिए इस मौसम में सभी के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। लोग बारिश में भीगने से बचें। बाजार के खाद्य पदार्थों का उपयोग नहीं करें। उबले हुए पानी और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। घर में साफ-सफाई व कीटनाशक का छिड़काव करें। घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने दें। सांस के मरीज धूल और नमी से बचाव करें।
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बिजनौर।
बरसात का मौसम शुरू होते ही मौसमी बीमारियां जोर पकडने लगी हैं। अस्पतालों में इनसे पीड़ित मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में इन दिनों अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त व बुखार के भर्ती हैं। चिकित्सकों ने मौसमी बीमारियों में सतर्कता बरतने को कहा है। नहीं तो मौसमी बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
बरसात शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप शुरू हो गया है। साथ ही उल्टी-दस्त, बुखार व सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। अस्पतालों में उल्टी-दस्त, बुखार व सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सक डॉ. योगेंद्र तिरखा के मुताबिक, पहले ओपीडी में करीब 150 मरीज रोज आते थे, लेकिन इन दिनों यह तादाद 250 से 275 तक पहुंच गई है। जिला अस्पताल में 102 बैड हैं। इनमें से 50 अधिक पर बुखार व उल्टी-दस्त के मरीज भर्ती हैं। उन्होंने उल्टी-दस्त, बुखार व सांस के मरीजों को सावधानी बरतने और अधिक परेशानी होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपचार कराने को कहा है।
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सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल का कहना है कि बरसात के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है। उल्टी-दस्त व बुखार के लिए सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां और सुविधाएं हैं। कोई भी परेशानी होने पर मरीज व तीमारदार उनसे संपर्क कर सकते है।
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सभी के लिए जरूरी है सावधानी
डॉ. योगेंद्र तिरखा और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके सिंह के अनुसार, बीमारियों से बचने के लिए इस मौसम में सभी के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। लोग बारिश में भीगने से बचें। बाजार के खाद्य पदार्थों का उपयोग नहीं करें। उबले हुए पानी और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। घर में साफ-सफाई व कीटनाशक का छिड़काव करें। घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने दें। सांस के मरीज धूल और नमी से बचाव करें।