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गांव शहजादपुर में भाकियू भानु की बैठक
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:09 AM IST
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अधिकारों के प्रति एकजुट रहें किसान- भानु प्रताप
नांगलसोती/नजीबाबाद। भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीति से किसान परेशान और हताश है। किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को भी एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगा।
ग्राम शहजादपुर में पूर्व ग्राम प्रधान मानपाल सिंह के आवास पर आयोजित बैठक में भाकियू भानुु के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप ने कहा कि किसानों की फसलों का वाजिब दाम नहीं दिया जा रहा है। न ही गन्ने के दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। किसानों की फसलों की सुरक्षा का भी कोई पुुख्ता इंतजाम नहीं है। जंगली-जानवरों किसानों की तैयार फसल नष्ट कर उन्हें आर्थिक संकट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने किसानों की समस्या को लेकर किसान आयोग का गठन करने, 60 वर्ष के किसानों को पांच हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने, किसान की दुर्घटना में मौत होने पर किसान आश्रितों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने, सैनिक के शहीद होने पर उनके परिजनों को पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति संघर्ष करने तथा किसानों की समस्या के प्रति सभी किसान संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करने की सलाह दी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह, युवा जिलाध्यक्ष अर्पण चौधरी, डोरीलाल, संजय सिंह, विक्रम सैनी, विजय सिंह, रामकुमार सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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नांगलसोती/नजीबाबाद। भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीति से किसान परेशान और हताश है। किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को भी एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगा।
ग्राम शहजादपुर में पूर्व ग्राम प्रधान मानपाल सिंह के आवास पर आयोजित बैठक में भाकियू भानुु के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप ने कहा कि किसानों की फसलों का वाजिब दाम नहीं दिया जा रहा है। न ही गन्ने के दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। किसानों की फसलों की सुरक्षा का भी कोई पुुख्ता इंतजाम नहीं है। जंगली-जानवरों किसानों की तैयार फसल नष्ट कर उन्हें आर्थिक संकट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने किसानों की समस्या को लेकर किसान आयोग का गठन करने, 60 वर्ष के किसानों को पांच हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने, किसान की दुर्घटना में मौत होने पर किसान आश्रितों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने, सैनिक के शहीद होने पर उनके परिजनों को पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति संघर्ष करने तथा किसानों की समस्या के प्रति सभी किसान संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करने की सलाह दी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह, युवा जिलाध्यक्ष अर्पण चौधरी, डोरीलाल, संजय सिंह, विक्रम सैनी, विजय सिंह, रामकुमार सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
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