फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   बाघों के प्रजनन काल के दौरान अधिकारियों को विशेष सतर्कता रखने के निर्देश

बाघों के प्रजनन काल के दौरान अधिकारियों को विशेष सतर्कता रखने के निर्देश

Sat, 02 Dec 2017 11:26 PM IST
Updated Sat, 02 Dec 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
बाघों के प्रजनन काल के दौरान अधिकारियों को विशेष सतर्कता रखने के निर्देश
कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने गश्ती दलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

एक के बाद एक हो रही बाघों की मौत के कारण अब वन विभाग के सामने बाघों के प्रजनन काल के समय के आ जाने से उनकी सुरक्षा व आसपास के इलाके को सुरक्षित रखने की एक बड़ी चुनौती है। बृहस्पतिवार को रामनगर के निकट बिजरानी रेंज में एक बाघिन को एक बाघ ने मौत के घाट उतारकर उसका शव तक खा लिया। जिस पर वन विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। कार्बेट टाइगर रिजर्व में अकेले कालागढ़ उप वन प्रभाग की कालागढ़, झिरना, ढेला व कालागढ़ टाइगर रिजर्व की पाखरो व मोरघाटी रेंज में बाघों की काफी अधिक संख्या है। इन दिनों में यहां भी बाघों की गतिविधियां हिंसक हो सकती है। प्रजननकाल में अक्सर बाघ व बाघिन या फिर बाघों में जानलेवा संघर्ष हो सकता है। जिसका अंत किसी की मौत से होगा। इस विषय में कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी का कहना है कि बाघ एक हिंसक जीव है। हालांकि वह किसी को यूं ही नहीं मारता है, पर प्रजननकाल में वह जुनून में होते हैं ऐसे में कुछ भी हो सकता है। सबसे पहले तो बाघ व बाघिन की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। दूसरे जंगलों के साथ लगे इलाके भी सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। गश्त तेज कर दी गई है। यदि कहीं कोई मामला होता है तो तुरंत उसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। इसके अलावा बाघों पर निगाह रखी जा रही है।

उधर, अब तक नौ माह में बाघों के सात शव मिले हैं। 31 मार्च को सर्पदूली, दो मई को बिजरानी, 23 मई को कालागढ़, 17 जून को सर्पदूली, 29 अगस्त को ढेला,18 नवंबर को ढेला व अब 30 नवंबर को बिजरानी के आमडंडा के निकट एक बाघिन का शव मिला है। एक के बाद एक, सात बाघों की मौत को वन विभाग ने सीधे ही आपसी संघर्ष करार दिया है। या फिर बूढ़ा होने की बात कह कर इतिश्री कर ली है। अब जबकि प्रजनन काल का समय चल रहा है तो फिर से बाघों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो जाना स्वाभाविक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed