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90 हजार हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:54 PM IST
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बिजनौर। जल ही जीवन है, लेकिन पानी जरा संभलकर पीजिएगा। जिले के करीब 90 हजार निजी हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं रह गया। प्रशासन ने इन हैंडपंपों को चिह्नित करने के लिए गांव-गांव जाकर रेड मार्क कराने का निर्णय लिया है। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार अभियान की रूपरेखा तैयार हो गई है। अमल के लिए टीम बनाई जा रही है। ग्रामवासी अभियान में सहयोग करें।
सीडीओ त्रिपाठी के अनुसार हैंडपंप की बोरिंग गहराई 80 फुट होनी चाहिए। गांवों में लोगों ने इज्जतघरों के पास निजी हैंड पंप लगा रखे हैं। काफी संख्या में हैंडपंपों का बोरिंग निर्धारित गहराई पर नहीं है। शासन के आदेश पर गांवों के निजी हैंडपंपों के पानी के नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच में पानी पीने योग्य नहीं मिला है। इस पानी में अनेक प्रकार के हानिकारक तत्व व विषाणु पैदा हो गए हैं। इन हैंडपंपों का पानी पीने से व्यक्ति गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकता है। प्रशासन ने लोगों को सचेत करने के लिए गांववार इस प्रकार के निजी हैंडपंपों को लाल रंग से पुताई करने का निर्णय लिया है, ताकि नल को रंगा देख लोगों को पानी के बारे में पता चल जाए।
तीन गांवों के हैंडपंपों के पानी में फ्लोराइड मिला
बिजनौर। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जिले में भूमिगत पानी में जांच में आर्सेनिक नहीं पाया गया है। किरतपुर ब्लॉक के गांव कुम्हेड़ा, मोहम्मदपुर देवमल के ब्लॉक के गांव कड़ज्ञपुर उर्फ लड़ापुर व मुर्तजापुर गांव के हैंडपंपों के पानी में जांच के दौरान फ्लोराइड मिला है। इन गांवों में पेय जल टंकी के प्रोजेक्ट तैयार करके शासन को भेजे जा रहे हैं।
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सीडीओ त्रिपाठी के अनुसार हैंडपंप की बोरिंग गहराई 80 फुट होनी चाहिए। गांवों में लोगों ने इज्जतघरों के पास निजी हैंड पंप लगा रखे हैं। काफी संख्या में हैंडपंपों का बोरिंग निर्धारित गहराई पर नहीं है। शासन के आदेश पर गांवों के निजी हैंडपंपों के पानी के नमूने जांच के लिए लिए गए। जांच में पानी पीने योग्य नहीं मिला है। इस पानी में अनेक प्रकार के हानिकारक तत्व व विषाणु पैदा हो गए हैं। इन हैंडपंपों का पानी पीने से व्यक्ति गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकता है। प्रशासन ने लोगों को सचेत करने के लिए गांववार इस प्रकार के निजी हैंडपंपों को लाल रंग से पुताई करने का निर्णय लिया है, ताकि नल को रंगा देख लोगों को पानी के बारे में पता चल जाए।
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तीन गांवों के हैंडपंपों के पानी में फ्लोराइड मिला
बिजनौर। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार जिले में भूमिगत पानी में जांच में आर्सेनिक नहीं पाया गया है। किरतपुर ब्लॉक के गांव कुम्हेड़ा, मोहम्मदपुर देवमल के ब्लॉक के गांव कड़ज्ञपुर उर्फ लड़ापुर व मुर्तजापुर गांव के हैंडपंपों के पानी में जांच के दौरान फ्लोराइड मिला है। इन गांवों में पेय जल टंकी के प्रोजेक्ट तैयार करके शासन को भेजे जा रहे हैं।
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