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जिला अस्पताल में बनेगा आशा ज्योति केंद्र
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:33 AM IST
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जिला अस्पताल में बनेगा आशा ज्योति केंद्र
बिजनौर। जिले का आशा ज्योति केंद्र जिला अस्पताल में खोला जाएगा। इसके लिए 350 वर्गमीटर जमीन चिह्नित कर ली गई है। शासन के निर्देश पर डीएम और जिला प्रोबेशन अधिकारी का संयुक्त खाता खोल दिया गया है।
समाज की पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के लिए आशा ज्योति केंद्र शुरू किया जाना है। इसके तहत वन स्टाफ सेंटर योजना को अमल में लाने की कवायद तेज हो गई है। शासन ने डीएम एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी का संयुक्त बैंक खाता खोलने के निर्देश दिए हैं। सूबे की महिला समाज कल्याण एवं बाल पुष्टाहार मंत्री ने जिला प्रोबेशन अधिकारियों की बैठक 27 जून को लखनऊ में बुलाई है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार यादव के अनुसार रेप, एसिड अटैक, दहेज या अन्य किसी भी प्रकार की पीड़ित महिलाओं के लिए आशा ज्योति केंद्र संचालित किया जाएगा। शासन ने पीड़ित महिलाओं को त्वरित इंसाफ दिलाने के लिए वन स्टाफ सेंटर योजना की शुरुआत की है। योजना के अंतर्गत पीड़ित महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलेंगी। सेंटर पर अस्थायी पुलिस चौकी, पैरा नर्सिंग स्टाफ सुविधा, अस्थायी आवास की सुविधा भी मिलेगी। सेंटर पर पैरा स्टाफ की भर्ती शासन के निर्देशानुसार जल्द ही की जाएगी। पैरा मेडिकल स्टाफ पीड़िता को जिला महिला अस्पताल में ले जाने समेत अन्य चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएगा। जरूरत पड़ने पर पीड़िता चार-पांच दिन अस्थायी आवास में रुक सकती है। सेंटर पर पीड़िता के लिए काउंसिलिंग की व्यवस्था भी रहेगी।
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बिजनौर। जिले का आशा ज्योति केंद्र जिला अस्पताल में खोला जाएगा। इसके लिए 350 वर्गमीटर जमीन चिह्नित कर ली गई है। शासन के निर्देश पर डीएम और जिला प्रोबेशन अधिकारी का संयुक्त खाता खोल दिया गया है।
समाज की पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के लिए आशा ज्योति केंद्र शुरू किया जाना है। इसके तहत वन स्टाफ सेंटर योजना को अमल में लाने की कवायद तेज हो गई है। शासन ने डीएम एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी का संयुक्त बैंक खाता खोलने के निर्देश दिए हैं। सूबे की महिला समाज कल्याण एवं बाल पुष्टाहार मंत्री ने जिला प्रोबेशन अधिकारियों की बैठक 27 जून को लखनऊ में बुलाई है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार यादव के अनुसार रेप, एसिड अटैक, दहेज या अन्य किसी भी प्रकार की पीड़ित महिलाओं के लिए आशा ज्योति केंद्र संचालित किया जाएगा। शासन ने पीड़ित महिलाओं को त्वरित इंसाफ दिलाने के लिए वन स्टाफ सेंटर योजना की शुरुआत की है। योजना के अंतर्गत पीड़ित महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलेंगी। सेंटर पर अस्थायी पुलिस चौकी, पैरा नर्सिंग स्टाफ सुविधा, अस्थायी आवास की सुविधा भी मिलेगी। सेंटर पर पैरा स्टाफ की भर्ती शासन के निर्देशानुसार जल्द ही की जाएगी। पैरा मेडिकल स्टाफ पीड़िता को जिला महिला अस्पताल में ले जाने समेत अन्य चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएगा। जरूरत पड़ने पर पीड़िता चार-पांच दिन अस्थायी आवास में रुक सकती है। सेंटर पर पीड़िता के लिए काउंसिलिंग की व्यवस्था भी रहेगी।
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