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मतदाताओं में कहीं दिखा उत्साह, कही दिखी सुस्ती
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:14 AM IST
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मतदाताओं में कहीं उत्साह, तो कहीं दिखी सुस्ती
फोटो - 22एनजेडबी01ई
नजीबाबाद।
निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह भी था और सुस्ती भी। उत्साह की बानगी तब नजर आई, जब कई मतदाताओं ने सुबह 7:30 बजे ही वोट डाला और निराशा तब नजर आई, जब मतदाता यह कहते नजर आए कि बीते कई दशकों से चुनकर आने वाले पालिकाध्यक्षों ने उन्हें निराश ही किया है, वोट नहीं डालेंगे।
राजीव अग्रवाल ने कहा तत्कालीन सपा सरकार ने जनता को निराश किया। नगरपालिका और नगर पंचायत स्तर पर भी जनता के काम नहीं हुए। लोगों का वोटिंग से मोह भंग हुआ, जिससे वोटिंग प्रतिशत घटा। कारोबारी शाहिदी सिद्दीकी ने मतदाता सूची में दर्जनों मतदाताओं के नाम काटे जाने पर निराशा व्यक्त की। उनका कहना था कि कई ऐसे थे, जिनके नाम तो मतदाता सूची में थे, मगर उनके बूथ बदल दिए गए, जिससे वे परेेशान रहे।
समाजसेवी निशा अग्रवाल ने टिकटों की खरीद-फरोख्त और टिकटों के बंटवारे पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को बेवकूफ बनाया जाता है। एलआईसी अभिकर्ता अजय सिंघल ने बताया कि उनमें वोटिंग को लेकर उत्साह इतना जबरदस्त था कि उन्होंने सुबह 7:30 बजे ही मतदान कर दिया।
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नहीं बने कई नवयुवकों के वोट
नजीबाबाद। सत्ता में भाजपा सरकार होने के बावजूद भाजपा के गढ़ में ही कई नवयुवकों के वोट नहीं बन सके। मोहल्ला मकबरा निवासी उमेश कौशिक के पुत्र शरद कौशिक (जन्मतिथि 15-12-98), दिनेश शर्मा के पुत्र लवी शर्मा (27-9-99), विपिन राजपूत के पुत्र शिवम राजपूत (21-7-97), इंद्र कुमार के पुत्र विशाल (1-5-96), सुनील के पुत्र आकाश (3-10-99) को वोट नहीं बन सका। युवाओं का कहना था कि उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल सका, जिसका उन्हें काफी अफसोस है।
...और जब जर्द पड़ गए चेहरे
नजीबाबाद। ऐन मौके पर मतदाता सूचियों से नाम गायब पाकर कई मतदाताओं के चेहरे जर्द नजर आए। निवर्तमान सभासद फुरकान अहमद का ही नाम मतदाता सूची में नहीं मिला। शिक्षक इकबाल अहमद, जिनकी ड्यटी चुनाव सामग्री वितरण में लगाई गई थी, स्वयं उनका नाम भी मतदाता सूची से गायब मिला। शिक्षिका राजदा खातून, अधिवक्ता खालिदा, मुफीत, गुफरान के नाम मतदाता सूची में नहीं मिले। वार्ड-20 में एक परिवार के 10 सदस्यों करीम, रफीकन, गुलशबा, रिजवान, बिलाल, शहबाज, असलम, शाकिरा, जीनत, मुमताज, दो परिवारों के सात-सात सदस्यों अकील, वाहिद, जमीरन, आरिफ, नौशाद, आदिल, इरशाद, शमशाद, इरशाद, नौशाद, दरक्शा, गुलशबा, बिलाल, ओसामा सहित दर्जनों लोग मतदाता सूची में नाम न होने से वोट नहीं डाल सके।
नाम में गड़बड़ी से नहीं डाल सके वोट
जलालाबाद। नाम में आंशिक त्रुटि होने पर भी कई जगहों पर मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया गया। नवाब का नाम सूची में मो.नवाब होने से उसे वोट नहीं डालने दिया गया । विकार के स्थान पर वकार, शरीफन के स्थान पर शरीफ, आयशा के स्थान पर शहमीन, मईनुद्दीन के स्थान पर जईनुद्दीन होने पर मतदाता वोट नहीं डाल सके। जोनल मजिस्ट्रेट डॉ.जगवीर सिंह ने ऐसे मतदाताओं को मतदान केंद्रों से बाहर किया। इस बात पर निवर्तमान चेयरमैन से नोकझोंक भी हुई।
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फोटो - 22एनजेडबी01ई
नजीबाबाद।
निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह भी था और सुस्ती भी। उत्साह की बानगी तब नजर आई, जब कई मतदाताओं ने सुबह 7:30 बजे ही वोट डाला और निराशा तब नजर आई, जब मतदाता यह कहते नजर आए कि बीते कई दशकों से चुनकर आने वाले पालिकाध्यक्षों ने उन्हें निराश ही किया है, वोट नहीं डालेंगे।
राजीव अग्रवाल ने कहा तत्कालीन सपा सरकार ने जनता को निराश किया। नगरपालिका और नगर पंचायत स्तर पर भी जनता के काम नहीं हुए। लोगों का वोटिंग से मोह भंग हुआ, जिससे वोटिंग प्रतिशत घटा। कारोबारी शाहिदी सिद्दीकी ने मतदाता सूची में दर्जनों मतदाताओं के नाम काटे जाने पर निराशा व्यक्त की। उनका कहना था कि कई ऐसे थे, जिनके नाम तो मतदाता सूची में थे, मगर उनके बूथ बदल दिए गए, जिससे वे परेेशान रहे।
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समाजसेवी निशा अग्रवाल ने टिकटों की खरीद-फरोख्त और टिकटों के बंटवारे पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को बेवकूफ बनाया जाता है। एलआईसी अभिकर्ता अजय सिंघल ने बताया कि उनमें वोटिंग को लेकर उत्साह इतना जबरदस्त था कि उन्होंने सुबह 7:30 बजे ही मतदान कर दिया।
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नहीं बने कई नवयुवकों के वोट
नजीबाबाद। सत्ता में भाजपा सरकार होने के बावजूद भाजपा के गढ़ में ही कई नवयुवकों के वोट नहीं बन सके। मोहल्ला मकबरा निवासी उमेश कौशिक के पुत्र शरद कौशिक (जन्मतिथि 15-12-98), दिनेश शर्मा के पुत्र लवी शर्मा (27-9-99), विपिन राजपूत के पुत्र शिवम राजपूत (21-7-97), इंद्र कुमार के पुत्र विशाल (1-5-96), सुनील के पुत्र आकाश (3-10-99) को वोट नहीं बन सका। युवाओं का कहना था कि उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिल सका, जिसका उन्हें काफी अफसोस है।
...और जब जर्द पड़ गए चेहरे
नजीबाबाद। ऐन मौके पर मतदाता सूचियों से नाम गायब पाकर कई मतदाताओं के चेहरे जर्द नजर आए। निवर्तमान सभासद फुरकान अहमद का ही नाम मतदाता सूची में नहीं मिला। शिक्षक इकबाल अहमद, जिनकी ड्यटी चुनाव सामग्री वितरण में लगाई गई थी, स्वयं उनका नाम भी मतदाता सूची से गायब मिला। शिक्षिका राजदा खातून, अधिवक्ता खालिदा, मुफीत, गुफरान के नाम मतदाता सूची में नहीं मिले। वार्ड-20 में एक परिवार के 10 सदस्यों करीम, रफीकन, गुलशबा, रिजवान, बिलाल, शहबाज, असलम, शाकिरा, जीनत, मुमताज, दो परिवारों के सात-सात सदस्यों अकील, वाहिद, जमीरन, आरिफ, नौशाद, आदिल, इरशाद, शमशाद, इरशाद, नौशाद, दरक्शा, गुलशबा, बिलाल, ओसामा सहित दर्जनों लोग मतदाता सूची में नाम न होने से वोट नहीं डाल सके।
नाम में गड़बड़ी से नहीं डाल सके वोट
जलालाबाद। नाम में आंशिक त्रुटि होने पर भी कई जगहों पर मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया गया। नवाब का नाम सूची में मो.नवाब होने से उसे वोट नहीं डालने दिया गया । विकार के स्थान पर वकार, शरीफन के स्थान पर शरीफ, आयशा के स्थान पर शहमीन, मईनुद्दीन के स्थान पर जईनुद्दीन होने पर मतदाता वोट नहीं डाल सके। जोनल मजिस्ट्रेट डॉ.जगवीर सिंह ने ऐसे मतदाताओं को मतदान केंद्रों से बाहर किया। इस बात पर निवर्तमान चेयरमैन से नोकझोंक भी हुई।