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पड़ोसी गांव के पानी पर निर्भर हो गई चौहड़ा उर्फ मथुरानगर के ग्रामीणों की जिंदगी

Thu, 10 Aug 2017 01:51 AM IST
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:51 AM IST
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पड़ोसी गांव के पानी पर निर्भर हो गई चौहड़ा उर्फ मथुरानगर के ग्रामीणों की जिंदगी
अमर उजाला ब्यूरो
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नौगावां सादात।
जिस गांव के इंडिया मार्का हैंडपंप के पानी में आर्सेनिक तत्व मिला है, उसके लोग पड़ोसी गांव के पानी पर निर्भर हैं। दूसरे गांव के सरकारी हैंडपंपों व सबमर्सिबल से पानी भरकर लाते हैं और पीने में इस्तेमाल करते हैं। लगातार खराब हो रहे पानी से ग्रामीण भी बीमार पड़ने लगे हैं। पेट के दर्द तो कोई लीवर में इंफेक्शन से त्रस्त है। जब से ग्रामीणों को आर्सेनिक का पता चला है तब से उनके चेहरों पर दहशत है। घर के नलों के पानी का कपड़े धोने में प्रयोग कर रहे हैं, जबकि पीने के लिए पड़ोसी गांव से ला रहे हैं।
ब्लाक क्षेत्र के गांव चौहड़ा उर्फ मथुरा नगर में वोटरों की संख्या 500 है। इसमें करीब पांच इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जिनके पानी की जांच में आर्सेनिक तत्व पाए जाने की पुष्टि हुई है। अभी तक ग्रामीण इन्हीं हैंडपंपों के पानी का प्रयोग अपने रोजमर्रा के कार्यों में कर रहे थे, लेकिन जब से पानी खराब होने की जानकारी मिली है तब से ग्रामीण दूसरे गांव के हैंडपंप व सबमर्सिबल पर निर्भर हो गए हैं। ग्रामीणों की मानें तो 1976 में पानी ऊपर था और साफ था। धीरे-धीरे नीचे खिसकता गया और बदरंग होने लगा। अब स्थिति ये है कि इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी भी पीने योग्य नहीं है। सात साल में पानी की हालत सबसे ज्यादा बेकार हुई है। जिसके सेवन से घर-घर में लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त हो गए हैं। सबमर्सिबल का पानी भी सही नहीं है। वह भी पानी नहीं उठा पा रहे हैं। इसलिए अब पड़ोसी गांवों के सबमर्सिबल व हैंडपंपों से पानी लाकर पी रहे हैं।
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- घर के नल का पानी प्रदूषित है। पीने के लिए पास के गांव की राह देखना मजबूरी बन गई है। अच्छा पानी नहीं पीयेंगें तो बीमार पड़ जाएंगे।
- महावीर सिंह

- इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी भी जब दूषित हो गया तो समरसेबिल कराए। कुछ दिन सब ठीक ठाक रहा लेकिन अब उसका पानी भी शुद्ध नहीं आ रहा है।
- गंगाराम

- घर के नल व सरकारी हैंडपंप के पानी का उपयोग कपड़ों के धोने में करते हैं तो भी परिणाम भयानक देखने को मिलता है। सफेद कपड़ा धोते-धोते पानी की वजह से पीला व काला पड़ जाता है।
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- जसवंत सिंह

- पानी की दशा बिल्कुल ठीक नहीं है। लोग प्रदूषित पानी पीने की वजह से बीमार पड़ रहे हैं। शायद ही कोई ऐसा गांव में घर हो, जिसमें कोई बीमार व्यक्ति न हो। कुछ लोगों के आरओ लगे हैं, लेकिन समस्या का हल उनसे नहीं हो सकता है।
- माया देवी

- पानी में आर्सेनिक तत्व है या नहीं, इसकी दोबारा जांच कराई जा रही है। सैंपल को परीक्षण के लिए भिजवाया गया है। रिपोर्ट आने पर ही अगला कदम उठाया जाएगा।
- मदन वर्मा, डीडीओ
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