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सामुदायिक शौचालयों की देखरेख को 580 महिला नियुक्त
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सामुदायिक शौचालयों की देखरेख करेंगी 580 महिलाएं
बिजनौर। जिले की पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों की देखरेख के लिए स्वयं सहायता समूह की 580 महिलाओं की नियुक्ति कर दी गई है । एक पंचायत में एक महिला नियुक्त रहेगी। प्रशासन ने सभी महिलाओं को नियुक्त पत्र जारी किए हैं।
जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। इनमें 839 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बने हैं। सामुदायिक शौचालय टू व थ्री सीटर है। दिव्यांगों व बच्चों की अलग व्यवस्था है। सामुदायिक शौचालय काफी दिन पहले बनकर तैयार हो गए थे लेकिन देखरेख की व्यवस्था नहीं होने से शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। अब शासन ने देखरेख की जिम्मेदारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी है।
मिशन के जिला उपायुक्त ज्ञान सिंह ने बताया कि हर पंचायत में समूह की एक महिला को देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। 580 महिलाओं को नियुक्ति पत्र दे दिए हैं। 259 पंचायतों में नियुक्त पत्र देने की प्रक्रिया चल रही है। चयनित महिला को 6000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। तीन हजार रुपये साफ सफाई उपकरण के लिए हर माह दिए जाएंगे। इस प्रकार कुल 9000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
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सामुदायिक शौचालयों के निर्माण को नहीं मिल रही जमीन
जिले में 1123 पंचायत हैं। 839 में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं। बाकी 284 पंचायत में सामुदायिक शौचालय निर्माण का मामला अटका है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि सामुदायिक शौचालय पंचायत की जमीन या किसी सरकारी जमीन पर ही बन सकता है। इन पंचायतों में निर्माण को जमीन नहीं मिली है।
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बिजनौर। जिले की पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों की देखरेख के लिए स्वयं सहायता समूह की 580 महिलाओं की नियुक्ति कर दी गई है । एक पंचायत में एक महिला नियुक्त रहेगी। प्रशासन ने सभी महिलाओं को नियुक्त पत्र जारी किए हैं।
जिले में 1123 ग्राम पंचायत हैं। इनमें 839 पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बने हैं। सामुदायिक शौचालय टू व थ्री सीटर है। दिव्यांगों व बच्चों की अलग व्यवस्था है। सामुदायिक शौचालय काफी दिन पहले बनकर तैयार हो गए थे लेकिन देखरेख की व्यवस्था नहीं होने से शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो रहा था। अब शासन ने देखरेख की जिम्मेदारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी है।
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मिशन के जिला उपायुक्त ज्ञान सिंह ने बताया कि हर पंचायत में समूह की एक महिला को देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। 580 महिलाओं को नियुक्ति पत्र दे दिए हैं। 259 पंचायतों में नियुक्त पत्र देने की प्रक्रिया चल रही है। चयनित महिला को 6000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। तीन हजार रुपये साफ सफाई उपकरण के लिए हर माह दिए जाएंगे। इस प्रकार कुल 9000 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
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सामुदायिक शौचालयों के निर्माण को नहीं मिल रही जमीन
जिले में 1123 पंचायत हैं। 839 में सामुदायिक शौचालय बन गए हैं। बाकी 284 पंचायत में सामुदायिक शौचालय निर्माण का मामला अटका है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि सामुदायिक शौचालय पंचायत की जमीन या किसी सरकारी जमीन पर ही बन सकता है। इन पंचायतों में निर्माण को जमीन नहीं मिली है।