फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने से शीरे का उत्पादन गिरा

अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने से शीरे का उत्पादन गिरा

Wed, 24 Apr 2019 12:43 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2019 12:43 AM IST
विज्ञापन
अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने से शीरे का उत्पादन गिरा
अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने से शीरे का उत्पादन गिरा
विज्ञापन

बिजनौर। किसानों के अर्ली प्रजाति का गन्ना अपनाने से चीनी की रिकवरी तो बढ़ी है, लेकिन शीरे की कमी हुई है। शीरे की रिकवरी कम होने से इसके भाव में उछाल आ रहा है। एक दो सालों में शीरे की रिकवरी और कम होगी। जिले की चीनी मिल इस साल में 27 लाख क्विंटल से अधिक शीरा बना चुकी हैं। कुछ चीनी मिलों ने बिलकुल भी शीरा नहीं बेचा है। इन चीनी मिलों को सीजन खत्म होने के बाद बहुत फायदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
चीनी मिलों में पेराई का आखिरी समय चल रहा है। पिछले कुछ सालों में किसानों ने खेती में क्रांतिकारी परिवर्तन लाते हुए अर्ली प्रजाति का गन्ना अपनाया है। अर्ली प्रजाति के गन्ने में शीरे की रिकवरी कम होती है और चीनी का उत्पादन अधिक होता है। इससे पहले किसान सामान्य या रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना अधिक बोते थे। सामान्य या रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने में चीनी की रिकवरी कम होती थी और शीरे की अधिक। इससे शीरे के दाम ज्यादा नहीं चढ़ते थे। केंद्र सरकार की पहल के बाद चीनी के दाम 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए हैं। चीनी मिल मालिक चीनी का न्यूनतम दाम 3500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं। चीनी के दाम तो सरकारी हस्तक्षेप के बाद बढ़े, लेकिन शीरे का उत्पादन कम होने से शीरे का बाजार पहले से जोर पकड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार वेस्ट यूपी में कई नई आसवनी इकाई/डिस्टलरी प्लांट खुले हैं। इससे शीरे के दाम चढ़ रहे हैं। इन आसवनी इकाइयों के चलते शीरे की मांग पहले से बढ़ी है। बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार शीरे का उत्पादन पहले से कम है, लेकिन मांग में तेजी आ रही है। घाटा झेल रही चीनी मिलों के लिए यह अच्छा संकेत है।
विज्ञापन

शीरे के उत्पादन और बिक्री पर नजर
चीनी मिल रिकवरी उत्पादन बिक्री
धामपुर 6.07 7.48 7.16
स्योहारा 4.64 4.6 0
बिलाई 4.33 4.21 2.88
बहादरपुर 3.94 2.49 2.28
बरकातपुर 4.14 2.79 0.80
बुंदकी 3.94 2.45 0
चांदपुर 4.2 1.31 0.76
बिजनौर 4.11 0.9 0.39
नजीबाबाद 4.06 1.15 0.43
कुल 27.38 14.7
नोट:ये आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। शीरे के उत्पादन व बिक्री के आंकड़े लाख क्विंटल में हैं। धामपुर मिल द्वारा गन्ने से सीधा कुछ प्रतिशत शीरा बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आधा प्रतिशत गिरा उत्पादन
पहले गन्ने में शीरे की रिकवरी साढ़े चार प्रतिशत तक रहती थी। अब यह रिकवरी चार प्रतिशत तक रह गई है। अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने से प्रति क्विंटल रिकवरी आधा प्रतिशत तक गिरी है।
ऐसे बनता है शीरा
गन्ने में ग्लूकोज व सुक्रोज दो पदार्थ होते हैं। ग्लूकोज से चीनी बनती है और सुक्रोज में पानी अधिक होता है। रिजेक्ट व सामान्य प्रजाति में ग्लूकोज पदार्थ सुक्रोज में अधिक परिवर्तित हो जाता था। इससे शीरा ज्यादा बनता था। इसके अलावा ज्यादा बारिश होने, कटने के बाद गन्ना पेराई तक जाने में ज्यादा देर होने पर भी उसमें शीरा अधिक बनता है।



एक और नोटिस के बाद बंद हो जाएगी मिल
बिलाई चीनी मिल ने अपने 94 क्रय केंद्र में से 45 क्रय केंद्र बंद कर दिए हैं। मिल का संचालन बंद करने का पहला नोटिस 24 अप्रैल का दिया गया है। इसके बाद एक और नोटिस देकर मिल बंद कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed