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छूटे लोगों को मिलेगा गोल्डन कार्ड बनवाने का एक और मौका
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छूटे लोगों को मिलेगा गोल्डन कार्ड बनवाने का एक और मौका
बिजनौर। आयुष्मान भारत योजना में तेजी से काम चल रहा है। अब तक जिले में करीब एक लाख गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। शासन ने जिले को कुल दो लाख 61 हजार 435 कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया है और छूटे लोगों को एक और मौका दिया गया है। इसके अंतर्गत पात्र व्यक्ति अपने गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से 23 सितंबर 2018 को की थी। इसका मकसद देश के करीब दस करोड़ बीपीएल परिवारों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज देना है। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। इसके लिए जिले में करीब दो लाख 61 हजार 435 पात्रों का चयन किया गया है। इस योजना में वर्ष 2011 की आर्थिक एवं सामाजिक जनगणना के आधार पर पात्रों का चयन किया गया है। अब तक इस योजना में करीब 99 हजार 542 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं और करीब 350 मरीज गोल्डन कार्ड के माध्यम से अपना इलाज करा चुके हैं। इसके अंतर्गत कार्डधारक निर्धारित अस्पतालों में जाकर विभिन्न प्रकार के चेकअप करा सकता है और मरीज के अस्पताल में भर्ती होने से पहले का खर्च और अस्पताल में डिस्चार्ज होने के बाद का खर्च भी सरकार द्वारा किया जाएगा। जिले के स्वास्थ्य महकमे ने इसके लिए 23 अस्पतालों का चयन किया है। इनमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी धामपुर, अफजलगढ़ और 19 प्राइवेट हॉस्पिटल शामिल हैं। शासन के निर्देश पर छूटे लोगों को 31 मार्च तक कार्ड बनवाने का मौका दिया गया है। अफसरों के अनुसार पात्र व्यक्ति जिला अस्पताल या फिर सीएचसी, पीएचसी पर फार्म भरकर जमा कर सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एसके निगम ने बताया कि जिले में गोल्डन कार्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। 31 मार्च तक शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
ऐसे बनवा सकते हैं कार्ड
आवेदक को सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद निर्धारित अस्पतालों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर 30 रुपये में अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। सीएससी से पात्रों को लेमिनेटेड कार्ड दिया जाएगा।
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बिजनौर। आयुष्मान भारत योजना में तेजी से काम चल रहा है। अब तक जिले में करीब एक लाख गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। शासन ने जिले को कुल दो लाख 61 हजार 435 कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया है और छूटे लोगों को एक और मौका दिया गया है। इसके अंतर्गत पात्र व्यक्ति अपने गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से 23 सितंबर 2018 को की थी। इसका मकसद देश के करीब दस करोड़ बीपीएल परिवारों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज देना है। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। इसके लिए जिले में करीब दो लाख 61 हजार 435 पात्रों का चयन किया गया है। इस योजना में वर्ष 2011 की आर्थिक एवं सामाजिक जनगणना के आधार पर पात्रों का चयन किया गया है। अब तक इस योजना में करीब 99 हजार 542 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं और करीब 350 मरीज गोल्डन कार्ड के माध्यम से अपना इलाज करा चुके हैं। इसके अंतर्गत कार्डधारक निर्धारित अस्पतालों में जाकर विभिन्न प्रकार के चेकअप करा सकता है और मरीज के अस्पताल में भर्ती होने से पहले का खर्च और अस्पताल में डिस्चार्ज होने के बाद का खर्च भी सरकार द्वारा किया जाएगा। जिले के स्वास्थ्य महकमे ने इसके लिए 23 अस्पतालों का चयन किया है। इनमें जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी धामपुर, अफजलगढ़ और 19 प्राइवेट हॉस्पिटल शामिल हैं। शासन के निर्देश पर छूटे लोगों को 31 मार्च तक कार्ड बनवाने का मौका दिया गया है। अफसरों के अनुसार पात्र व्यक्ति जिला अस्पताल या फिर सीएचसी, पीएचसी पर फार्म भरकर जमा कर सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एसके निगम ने बताया कि जिले में गोल्डन कार्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है। 31 मार्च तक शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
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ऐसे बनवा सकते हैं कार्ड
आवेदक को सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद निर्धारित अस्पतालों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर 30 रुपये में अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। सीएससी से पात्रों को लेमिनेटेड कार्ड दिया जाएगा।
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