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कैमरो की मदद से की जाएगी टाइगर की गिनती ,लगेगे 90 कैमरे
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:17 AM IST
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कैमरों की निगरानी में होगी बाघों की गिनती
बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया में पहली बार कैमरे की मदद से टाइगर की गिनती की जाएगी। 45 जगहों पर 90 कैमरे लगाकर टाइगर की गिनती की जाएगी। वन विभाग व वर्ल्ड वाइल्ड फंड के स्टाफ ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। वर्ल्ड वाइल्ड फंड का स्टाफ वन विभाग को इसकी ट्रेनिंग दे रहा है।
पूरे देश में एक ही साथ टाइगर की गिनती करने की योजना बनाई गई है। टाइगर की गिनती जंगल में जाकर करना बहुत जोखिमभरा काम होता है। इसके लिए पहली बार कैमरों की मदद से टाइगर की गिनती के की जाएगी। जिले में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया में काफी टाइगर हैं। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया करीब 90 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। इस एरिया में वन विभाग द्वारा 45 जगह पर 90 कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे ऐसी जगह लगाए जाएंगे जहां पर टाइगर के रहने या वहां से गुजरने के कुछ सबूत मिलें। ये कैमरे ऑनलाइन सिस्टम से जुड़े होंगे। इनकी पूरी डिटेल रिकॉर्ड होती रहे। वन विभाग की टीम इन कैमरों में कैद होने वाली तस्वीरों की निगरानी करेगी। बाद में ये डाटा राष्ट्रीय स्तर पर भी भेजा जाएगा। 22 से 25 अक्तूबर तक कैमरे लगाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद अगले 25 दिन तक इन कैमरों की मदद से टाइगर की गणना की जाएगी। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक वर्ल्ड वाइल्ड फंड का स्टाफ कैमरे लगाने व डाटा कलेक्शन के लिए ट्रेनिंग में मदद कर रहा है। कैमरों की मदद से टाइगर की गणना में सुविधा होगी।
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बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया में पहली बार कैमरे की मदद से टाइगर की गिनती की जाएगी। 45 जगहों पर 90 कैमरे लगाकर टाइगर की गिनती की जाएगी। वन विभाग व वर्ल्ड वाइल्ड फंड के स्टाफ ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। वर्ल्ड वाइल्ड फंड का स्टाफ वन विभाग को इसकी ट्रेनिंग दे रहा है।
पूरे देश में एक ही साथ टाइगर की गिनती करने की योजना बनाई गई है। टाइगर की गिनती जंगल में जाकर करना बहुत जोखिमभरा काम होता है। इसके लिए पहली बार कैमरों की मदद से टाइगर की गिनती के की जाएगी। जिले में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया में काफी टाइगर हैं। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया करीब 90 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। इस एरिया में वन विभाग द्वारा 45 जगह पर 90 कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे ऐसी जगह लगाए जाएंगे जहां पर टाइगर के रहने या वहां से गुजरने के कुछ सबूत मिलें। ये कैमरे ऑनलाइन सिस्टम से जुड़े होंगे। इनकी पूरी डिटेल रिकॉर्ड होती रहे। वन विभाग की टीम इन कैमरों में कैद होने वाली तस्वीरों की निगरानी करेगी। बाद में ये डाटा राष्ट्रीय स्तर पर भी भेजा जाएगा। 22 से 25 अक्तूबर तक कैमरे लगाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद अगले 25 दिन तक इन कैमरों की मदद से टाइगर की गणना की जाएगी। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक वर्ल्ड वाइल्ड फंड का स्टाफ कैमरे लगाने व डाटा कलेक्शन के लिए ट्रेनिंग में मदद कर रहा है। कैमरों की मदद से टाइगर की गणना में सुविधा होगी।
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