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किसान पाठशाला में नहीं जुड़ रहे किसान
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:49 PM IST
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किसान पाठशाला में नहीं जुड़ रहे किसान
नींदडू। द मिलियन फारमर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के पहले चरण के दूसरे दिन होने वाले कार्यक्रम में किसानों की संख्या अपेक्षा से काफी कम रही। उधर, पाठशाला में फसल चक्र अपनाने पर जो दिया गया।
21जून से 23 जून तक चलने वाले तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बाजीदपुर-बीरू स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में दूसरे दिन के प्रशिक्षण में किसानों की उपस्थिति अपेक्षा से काफी कम रही। मात्र दर्जन भर किसानों के पाठशाला में शामिल होने से द मिलियन फारमर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के आयोजन का मकसद निरर्थक होता दिखाई दे रहा है। प्रधान पति और ग्राम पंचायत सदस्य अथर हुसैन ने बताया कि किसान पाठशाला का समय नौ बजे से 11 बजे तक है। यही समय किसानों के अपने खेतों में कार्य करने का है किसान सुबह छह बजे से 12 बजे तक अपने खेतों में कार्य करते हैं। किसानों का कहना है कि यदि ये पाठशालाएं दिन की अपेक्षा शाम में लगाई जाती, तो किसानों को इनका भरपूर लाभ मिलता। खेत में जरूरी कार्य के चलते किसान पाठशाला में उनकी की उपस्थिति बहुत कम देखी जा रही है।
दूसरी ओर प्रशिक्षक राजू सिंह ने किसानों से गन्ना काटने के बाद पुन: गन्ना बोने की प्रवृति को समाप्त कर फसल चक्र के मुताबिक खेती करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खादों का अधिक प्रयोग करने का सुझाव देते हुए खेतों में हरी खाद के लिए ढेंचा व बरसीम आदि बोने की सलाह दी। पाठशाला के माध्यम से लाभकारी खेती करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर प्रधान रफत जहां, मो अथर हुसैन, हाजी अनीस अहमद, नसीम अहमद, नफीस अहमद, तौफीक अहमद, बाबू खां, मोहम्मद आसिफ तथा मोहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।
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नींदडू। द मिलियन फारमर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के पहले चरण के दूसरे दिन होने वाले कार्यक्रम में किसानों की संख्या अपेक्षा से काफी कम रही। उधर, पाठशाला में फसल चक्र अपनाने पर जो दिया गया।
21जून से 23 जून तक चलने वाले तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बाजीदपुर-बीरू स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में दूसरे दिन के प्रशिक्षण में किसानों की उपस्थिति अपेक्षा से काफी कम रही। मात्र दर्जन भर किसानों के पाठशाला में शामिल होने से द मिलियन फारमर्स स्कूल (किसान पाठशाला) के आयोजन का मकसद निरर्थक होता दिखाई दे रहा है। प्रधान पति और ग्राम पंचायत सदस्य अथर हुसैन ने बताया कि किसान पाठशाला का समय नौ बजे से 11 बजे तक है। यही समय किसानों के अपने खेतों में कार्य करने का है किसान सुबह छह बजे से 12 बजे तक अपने खेतों में कार्य करते हैं। किसानों का कहना है कि यदि ये पाठशालाएं दिन की अपेक्षा शाम में लगाई जाती, तो किसानों को इनका भरपूर लाभ मिलता। खेत में जरूरी कार्य के चलते किसान पाठशाला में उनकी की उपस्थिति बहुत कम देखी जा रही है।
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दूसरी ओर प्रशिक्षक राजू सिंह ने किसानों से गन्ना काटने के बाद पुन: गन्ना बोने की प्रवृति को समाप्त कर फसल चक्र के मुताबिक खेती करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खादों का अधिक प्रयोग करने का सुझाव देते हुए खेतों में हरी खाद के लिए ढेंचा व बरसीम आदि बोने की सलाह दी। पाठशाला के माध्यम से लाभकारी खेती करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर प्रधान रफत जहां, मो अथर हुसैन, हाजी अनीस अहमद, नसीम अहमद, नफीस अहमद, तौफीक अहमद, बाबू खां, मोहम्मद आसिफ तथा मोहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।
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