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शिक्षा पटरी पर लाने को बहाना पड़ रहा पसीना
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:32 AM IST
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माध्यमिक स्कूलों में प्रवेश शुरू
बिजनौर। ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद अब शिक्षा को पटरी पर लाने की कवायद तेज कर दी गई है। बच्चों की उपस्थिति पर शिक्षा विभाग के अफसर भी नजर रखे हुए हैं और माध्यमिक स्कूलों में भी प्रवेश शुरू कर दिए गए हैं।
ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त हुए चार दिन बीत गए हैं, लेकिन स्कूलों में अभी छात्रों की उपस्थिति कम होने से शिक्षक परेशान हैं। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी भी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति के लिए शिक्षक-अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं स्कूलों में गठित शिक्षक अभिभावक संघ और माता-शिक्षक संघ की बैठकों में भी बच्चों की उपस्थिति के मामले छाए रहते हैं। शिक्षा विभाग के अफसर भी निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दे रहे हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में भी बालिकाओं की उपस्थिति पूरी नहीं होने से स्कूल की शिक्षिकाएं परेशान हैं। माध्यमिक स्कूलों में भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम होना चिंता का विषय बना हुआ है। उधर, बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
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बिजनौर। ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद अब शिक्षा को पटरी पर लाने की कवायद तेज कर दी गई है। बच्चों की उपस्थिति पर शिक्षा विभाग के अफसर भी नजर रखे हुए हैं और माध्यमिक स्कूलों में भी प्रवेश शुरू कर दिए गए हैं।
ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त हुए चार दिन बीत गए हैं, लेकिन स्कूलों में अभी छात्रों की उपस्थिति कम होने से शिक्षक परेशान हैं। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी भी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति के लिए शिक्षक-अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं स्कूलों में गठित शिक्षक अभिभावक संघ और माता-शिक्षक संघ की बैठकों में भी बच्चों की उपस्थिति के मामले छाए रहते हैं। शिक्षा विभाग के अफसर भी निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दे रहे हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में भी बालिकाओं की उपस्थिति पूरी नहीं होने से स्कूल की शिक्षिकाएं परेशान हैं। माध्यमिक स्कूलों में भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम होना चिंता का विषय बना हुआ है। उधर, बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
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