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डायल 112 में शामिल हुए 50 पुलिसकर्मी
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बिजनौर पुलिस लाइन में एसपी के साथ फ्रेशर प्रशिक्षण कोर्स करने वाले पुलिसकर्मी।
- फोटो : BIJNOR
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डायल 112 में शामिल हुए 50 पुलिसकर्मी
बिजनौर। जिले में 50 पुलिसकर्मियों को डायल 112 में शामिल किया गया है। इनकी तैनाती अब पीआरबी पर होगी। जिसके लिए इन्हें 18 दिवसीय फ्रेशर प्रशिक्षण कोर्स कराया गया है। जिसका समापन मंगलवार को हुआ।
पुलिस लाइन में मंगलवार को एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह की अध्यक्षता और डायल 112 के नोडल अफसर एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह के निर्देशन में फ्रेशर प्रशिक्षण कोर्स का समापन हुआ। 50 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि सभी प्रशिक्षणार्थियों को संचार कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण के अतिरिक्त विभिन्न विवाद, महिला बुजुर्ग, बच्चों से संबंधित संवेदनशील प्रकरण, यातायात, आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार की पूरी जानकारी दी गयी है। भाषाशैली, शिष्टाचार, अनुशासन और समय की पाबंदी की सीख भी दी गई। कहा कि पीआरवी कर्मचारी प्रथम रेस्पोंडर है। जिसे न्यायिक और त्वरित कार्यवाई से पीड़ित व्यक्ति को राहत मिलती है।
कहा कि यूपी 112 परियोजना पुलिस की रीढ़ साबित हुई है। एक फोन कॉल पर पीड़ित को तत्काल पुलिस सहायता मिलने तथा परेशानी को मौके पर ही निबटा देने से यूपी 112 का महत्व बढ़ा है।
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बिजनौर। जिले में 50 पुलिसकर्मियों को डायल 112 में शामिल किया गया है। इनकी तैनाती अब पीआरबी पर होगी। जिसके लिए इन्हें 18 दिवसीय फ्रेशर प्रशिक्षण कोर्स कराया गया है। जिसका समापन मंगलवार को हुआ।
पुलिस लाइन में मंगलवार को एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह की अध्यक्षता और डायल 112 के नोडल अफसर एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह के निर्देशन में फ्रेशर प्रशिक्षण कोर्स का समापन हुआ। 50 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि सभी प्रशिक्षणार्थियों को संचार कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण के अतिरिक्त विभिन्न विवाद, महिला बुजुर्ग, बच्चों से संबंधित संवेदनशील प्रकरण, यातायात, आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार की पूरी जानकारी दी गयी है। भाषाशैली, शिष्टाचार, अनुशासन और समय की पाबंदी की सीख भी दी गई। कहा कि पीआरवी कर्मचारी प्रथम रेस्पोंडर है। जिसे न्यायिक और त्वरित कार्यवाई से पीड़ित व्यक्ति को राहत मिलती है।
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कहा कि यूपी 112 परियोजना पुलिस की रीढ़ साबित हुई है। एक फोन कॉल पर पीड़ित को तत्काल पुलिस सहायता मिलने तथा परेशानी को मौके पर ही निबटा देने से यूपी 112 का महत्व बढ़ा है।
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