फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   नहीं थम रहा बुखार का कहर, वार्डों में आधे मरीज बुखार से पीड़ित

नहीं थम रहा बुखार का कहर, वार्डों में आधे मरीज बुखार से पीड़ित

Mon, 10 Sep 2018 01:20 AM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:20 AM IST
विज्ञापन
नहीं थम रहा बुखार का कहर, वार्डों में आधे मरीज बुखार से पीड़ित
अमरोहा। जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों के वार्ड बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। उनमें आधे अकेले बुखार से पीड़ित हैं। बदलते मौसम में बड़ों के बजाय बुखार का प्रकोप बच्चों में ज्यादा तेजी से फैल रहा है। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद सेहत महकमा इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
विज्ञापन

बुखार के बढ़ते प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रविवार को जिला अस्पताल के महिला, पुरुष और बच्चों के तीनों वार्डों में भर्ती कुल 45 मरीजों में से आधे से ज्यादा केवल बुखार से पीड़ित थे। उनमें 21 बच्चों के साथ ही छह बड़ों को बुखार के चलते भर्ती करना पड़ा। इसके अलावा रविवार को ही बुखार से पीड़ित चार लोगों को भी इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। वार्डों में मरीजों की संख्या के मुकाबले बेड कम होने के कारण पिछले दिनों तक ही बेड पर दो-दो मरीजों को भी भर्ती करना पड़ा है। दूसरी ओर सीएचसी पर भी बुखार के मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। ज्यादातर लोग बुखार के चलते दवाई लेने आ रहे हैं। सीएचसी पर कम बेड होने के कारण मरीजों को दवाई देकर घर भेजा जा रहा है। बड़ों के बजाय बच्चों को बुखार तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसलिए बदलते मौसम में एहतियात बरतने की जरूरत है।
विज्ञापन

मलेरिया की दवाई का टोटा
अमरोहा। बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप फैला हुआ है। ऐसे में मलेरिया सहित मच्छरजनित बीमारियों के फैलने की संभावना बनी हुई है। मालूम हो कि पिछले माह 20 अगस्त तक जिले में मलेरिया के 50 मरीजों को चिन्हित किया गया था। ऐसे में जिला अस्पताल पर मलेरिया की दवाई का टोटा हो गया है। चीफ फार्मेसिस्ट ने बताया कि जिला अस्पताल पर मरीजों के लिए सामान्य उपचार से लेकर जीवन रक्षक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसमें मौसम के हिसाब से डायरिया, एलर्जी, बुखार सहित अन्य बीमारियों की दवाइयों की खेप जल्दी-जल्दी मिल रही है। लेकिन मलेरिया की दवाई फिलहाल कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दवाइयां मंगाई गई हैं
सीएमएस डॉ. रामनिवास ने कहा कि मलेरिया की दवाई समाप्त नहीं हुई है। इसकी कमी जरूर है। मांग की गई है। उम्मीद है कि उपलब्ध दवाई के समाप्त होने से पहले ही मलेरिया की दवाई मिल जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed