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अवैध उगाही करने वाले अफसरों की अब खैर नहीं, शासन ने मांगी रिपोर्ट
Updated Wed, 27 Dec 2017 11:41 PM IST
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धामपुर (बिजनौर)। अवैध उगाही करने वाले अफसरों की अब खैर नहीं होगी। शासन ने खुफिया विभाग से ऐसे अफसरों की कुंडली मांगी है जो अवैैध उगाही कर जेब में ठूसकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं। खुफिया विभाग ऐसे ठिकानों का ब्यौरा जुटाने में लग गया है, जो अफसरों की कमाई के स्रोत बने हैं।
सूत्रों का कहना है कि शासन ऐसे अधिकारियों पर शिकंजा कसने जा रहा है जो विभिन्न स्रोत से अवैध उगाही कर भ्रष्टाचार का बढ़ावा देने में लगे हैं। शासन ने उगाही का धन जुटाने वाले अफसरों की कुंडली मांगी गई हैं। जो चौराहे से लेकर क्षेत्रों में चलने वाले अवैध धंधों से उगाही कर जेब में ठूसते हैं। इससे अवैध कामों को बढ़ावा मिलता है। इसमें लॉटरी सिस्टम, टेंपों स्टैंड, खनन, लकड़ी माफिया, अवैध शराब का कारोबार, भूमाफिया, सट्टा, शिक्षा विभाग माफिया आदि क्रियाकलाप शामिल हैं। इन माध्यमों से पुलिस से लेकर अफसर तक मोटी कमाई करते हैं। इन अवैध कार्यों से कानून व्यवस्था तक बिगड़ने का खतरा बना रहता है। कुछ अफसर वसूली के धन से अकूत संपत्ति जुटा ले जाते हैं। सरकार की मंशा है कि भ्रष्टाचार पर तब तक अंकुश नहीं लगाया जा सकता, जब तक निचले स्तर का अधिकारी भ्रष्टाचार बंद नहीं करेगा। कुछ अफसर उच्चाधिकारियों से सांठगांठ कर कमाई के स्रोत बने चुके ठिकानों पर नियुक्ति तक कराते हैं। सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग ने ऐसे ठिकानों का ब्योरा एकत्र करना शुरू कर दिया है, जहां से अफसरों को कमाई होती है।
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सूत्रों का कहना है कि शासन ऐसे अधिकारियों पर शिकंजा कसने जा रहा है जो विभिन्न स्रोत से अवैध उगाही कर भ्रष्टाचार का बढ़ावा देने में लगे हैं। शासन ने उगाही का धन जुटाने वाले अफसरों की कुंडली मांगी गई हैं। जो चौराहे से लेकर क्षेत्रों में चलने वाले अवैध धंधों से उगाही कर जेब में ठूसते हैं। इससे अवैध कामों को बढ़ावा मिलता है। इसमें लॉटरी सिस्टम, टेंपों स्टैंड, खनन, लकड़ी माफिया, अवैध शराब का कारोबार, भूमाफिया, सट्टा, शिक्षा विभाग माफिया आदि क्रियाकलाप शामिल हैं। इन माध्यमों से पुलिस से लेकर अफसर तक मोटी कमाई करते हैं। इन अवैध कार्यों से कानून व्यवस्था तक बिगड़ने का खतरा बना रहता है। कुछ अफसर वसूली के धन से अकूत संपत्ति जुटा ले जाते हैं। सरकार की मंशा है कि भ्रष्टाचार पर तब तक अंकुश नहीं लगाया जा सकता, जब तक निचले स्तर का अधिकारी भ्रष्टाचार बंद नहीं करेगा। कुछ अफसर उच्चाधिकारियों से सांठगांठ कर कमाई के स्रोत बने चुके ठिकानों पर नियुक्ति तक कराते हैं। सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग ने ऐसे ठिकानों का ब्योरा एकत्र करना शुरू कर दिया है, जहां से अफसरों को कमाई होती है।
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