{"_id":"6102ee2f8ebc3e092c6225fd","slug":"36-patients-of-tb-discovered-in-dastak-campaign-bijnor-news-mrt549614827","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस्तक अभियान में खोजे गए टीबी के 36 मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस्तक अभियान में खोजे गए टीबी के 36 मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दस्तक अभियान में खोजे गए टीबी के 36 मरीज
बिजनौर। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान 12 से 24 जुलाई तक संचालित किए गए दस्तक अभियान के तहत जनपद के 36 नए लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर इन मरीजों की स्क्रीनिंग की थी।
केंद्र सरकार ने भारत को टीबी से मुक्त करने के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार के स्तर से विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से टीबी रोगी की पुष्टि होने पर उसे 500 रुपये प्रतिमाह बतौर पोषण भत्ता के रूप दिए जा रहे हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत ने बताया कि एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत हुई, जो 31 जुलाई तक चलेगा। इसी बीच 12 से 24 जुलाई तक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता के माध्यम से दस्तक अभियान चलाया गया। इसमें इन स्वास्थ्य कर्मियों ने जिले में घर-घर जाकर लगभग 200 संभावित लोगों के स्पुटम लेकर जांच के लिए भेजे। इनमें से 36 लोगों में टीबी रोग की पुष्टि हुई। सभी नए मरीजों का उपचार शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि खांसने और छींकने से टीबी रोग के फैलने की संभावना रहती है। इसलिए किसी को आशंका हो तो तुरंत ही अपने नजदीकि सरकारी अस्पताल में टीबी की नि:शुल्क जांच कराएं।
ये टीबी के प्रमुख लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा बुखार आना।
- रात में सोते समय अधिक पसीना आना।
- तेजी से वजन गिरना, भूख न लगना।
विज्ञापन
बिजनौर। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान 12 से 24 जुलाई तक संचालित किए गए दस्तक अभियान के तहत जनपद के 36 नए लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर इन मरीजों की स्क्रीनिंग की थी।
केंद्र सरकार ने भारत को टीबी से मुक्त करने के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार के स्तर से विभिन्न प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से टीबी रोगी की पुष्टि होने पर उसे 500 रुपये प्रतिमाह बतौर पोषण भत्ता के रूप दिए जा रहे हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत ने बताया कि एक जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत हुई, जो 31 जुलाई तक चलेगा। इसी बीच 12 से 24 जुलाई तक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता के माध्यम से दस्तक अभियान चलाया गया। इसमें इन स्वास्थ्य कर्मियों ने जिले में घर-घर जाकर लगभग 200 संभावित लोगों के स्पुटम लेकर जांच के लिए भेजे। इनमें से 36 लोगों में टीबी रोग की पुष्टि हुई। सभी नए मरीजों का उपचार शुरू करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि खांसने और छींकने से टीबी रोग के फैलने की संभावना रहती है। इसलिए किसी को आशंका हो तो तुरंत ही अपने नजदीकि सरकारी अस्पताल में टीबी की नि:शुल्क जांच कराएं।
विज्ञापन
ये टीबी के प्रमुख लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा बुखार आना।
- रात में सोते समय अधिक पसीना आना।
- तेजी से वजन गिरना, भूख न लगना।