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मानकों पर खरे उतरे 35 होटल-रेस्टोरेंट, मिली हाईजीन रेटिंग
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मानकों पर खरे उतरे 35 होटल-रेस्टोरेंट, मिली हाईजीन रेटिंग
बिजनौर। होटल-रेस्टोरेंट की रसोई में कीड़े मकौड़े तो नहीं हैं, पानी की शुद्धता और साफ-सफाई जैसे तमाम मानकों को लेकर रेटिंग तय की जाने लगी है। मानकों पर जिले के 35 होटल ही खरे उतरे हैं। जिन्हें एफएसएसएआई की ओर से हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट जारी किया गया है। हालांकि मानकों को सुधारने के लिए 100 व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया गया था।
भारतीय खाद्य संस्था एवं मानक प्राधिकरण रेस्टोरेंट और होटल में मिलने वाली खाद्य वस्तुओं एवं साफ सफाई को लेकर गंभीर है। जिसे लेकर जिले में मई तक करीब 100 होटल संचालकों को ट्रेनिंग दी गई थी। जिनमें से 75 होटल एवं रेस्ट्रोरेंट को सर्टिफिकेट देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 35 ही होटल मानकों पर खरे उतरे। होटल कारोबारियों को एश्योर क्वालिटी मैनेजमेंट सर्टिफिकेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ट्रेनिंग दी गई। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को एफएसएसएआई लाइसेंस, फॉस्टैक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट, वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट, स्टॉक रजिस्टर, पेस्ट कंट्रोल, मेडिकल सर्टिफिकेट और ग्राहक शिकायत रजिस्टर के बारे में ट्रेनिंग दी गई। ये मानक पूरे होने के बाद ही होटल संचालक को हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट दिया जाता है।
मानक पूरे होने के बाद जारी होता है सर्टिफिकेट
हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट देने से पहले संस्था होटल का निरीक्षण करती हैं। अक्सर देखा जाता है कि होटलों में साफ-सफाई नहीं मिलती है। जिसकी वजह से होटल में खाना खाने वाले लोगों को परेशानी हो जाती है। जिसके चलते भारतीय खाद्य संस्था एवं मानक प्राधिकरण की ओर से अब हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। मानकों पर खरा उतरने के बाद ही एफएसएसएआई सर्टिफिकेट जारी करता है। शहरों में रहने वाले तमाम कामकाजी लोग खाने के लिए होटल का रुख करते हैं। चाय के लिए भी कार्यालयों में कर्मचारी रेस्टोरेंट आदि पर निर्भर होते हैं। लेकिन खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता खराब होगी तो ग्राहकों की तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे में ग्राहकों के स्वास्थ्य को लेकर यह कवायद की जा रही है।
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अब सभी होटल और रेस्टोरेंट को एफएसएसएआई की ओर से हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। सर्टिफिकेट देने से पहले संस्था निरीक्षण करती है। स्वच्छता के मानक पूरे होने पर यह सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जिले में अभी 35 होटल संचालकों को ही सर्टिफिकेट दिया गया है
- पंकज कुमार अभिहित अधिकारी
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बिजनौर। होटल-रेस्टोरेंट की रसोई में कीड़े मकौड़े तो नहीं हैं, पानी की शुद्धता और साफ-सफाई जैसे तमाम मानकों को लेकर रेटिंग तय की जाने लगी है। मानकों पर जिले के 35 होटल ही खरे उतरे हैं। जिन्हें एफएसएसएआई की ओर से हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट जारी किया गया है। हालांकि मानकों को सुधारने के लिए 100 व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया गया था।
भारतीय खाद्य संस्था एवं मानक प्राधिकरण रेस्टोरेंट और होटल में मिलने वाली खाद्य वस्तुओं एवं साफ सफाई को लेकर गंभीर है। जिसे लेकर जिले में मई तक करीब 100 होटल संचालकों को ट्रेनिंग दी गई थी। जिनमें से 75 होटल एवं रेस्ट्रोरेंट को सर्टिफिकेट देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 35 ही होटल मानकों पर खरे उतरे। होटल कारोबारियों को एश्योर क्वालिटी मैनेजमेंट सर्टिफिकेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ट्रेनिंग दी गई। होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को एफएसएसएआई लाइसेंस, फॉस्टैक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट, वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट, स्टॉक रजिस्टर, पेस्ट कंट्रोल, मेडिकल सर्टिफिकेट और ग्राहक शिकायत रजिस्टर के बारे में ट्रेनिंग दी गई। ये मानक पूरे होने के बाद ही होटल संचालक को हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट दिया जाता है।
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मानक पूरे होने के बाद जारी होता है सर्टिफिकेट
हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट देने से पहले संस्था होटल का निरीक्षण करती हैं। अक्सर देखा जाता है कि होटलों में साफ-सफाई नहीं मिलती है। जिसकी वजह से होटल में खाना खाने वाले लोगों को परेशानी हो जाती है। जिसके चलते भारतीय खाद्य संस्था एवं मानक प्राधिकरण की ओर से अब हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। मानकों पर खरा उतरने के बाद ही एफएसएसएआई सर्टिफिकेट जारी करता है। शहरों में रहने वाले तमाम कामकाजी लोग खाने के लिए होटल का रुख करते हैं। चाय के लिए भी कार्यालयों में कर्मचारी रेस्टोरेंट आदि पर निर्भर होते हैं। लेकिन खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता खराब होगी तो ग्राहकों की तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे में ग्राहकों के स्वास्थ्य को लेकर यह कवायद की जा रही है।
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अब सभी होटल और रेस्टोरेंट को एफएसएसएआई की ओर से हाईजीन रेटिंग सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है। सर्टिफिकेट देने से पहले संस्था निरीक्षण करती है। स्वच्छता के मानक पूरे होने पर यह सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। जिले में अभी 35 होटल संचालकों को ही सर्टिफिकेट दिया गया है
- पंकज कुमार अभिहित अधिकारी