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बारिश, हवा के झोंकों ने उड़ाई किसानों की नींद
Updated Wed, 21 Mar 2018 11:24 PM IST
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बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की नींद उड़ाई
बिजनौर । आसमान में छाए बादलों, हवा के झोकों , बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की नींद उड़ा दी हैं। गेहूं की तैयार फसल के लिए बारिश बहुत नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसके अलावा बारिश ज्यादा पड़ी तो किसानों की गन्ना बुआई भी प्रभावित हो सकती है। अगर हवा के तेज झोकों से गेहूं की फसल गिर गई तो उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। सुबह के समय थोड़ी देर के लिए धूप भी निकली, लेकिन 11 बजे तक आसमान में घने बादल छा गए और करीब दस मिनट के लिए तेज बारिश हुई। इस दौरान कहीं कहीं पर हल्की ओलावृष्टि हुई। गेहूं के दाने से कुछ मोटा ओला पड़ा। हवा के झोंके भी चलते रहे। इसके बाद भी पूरा दिन बादल छाए रहे। गनीमत रही की बारिश ज्यादा देर नहीं हुई, जो किसान वसंतकालीन गन्ने की बुआई कर चुके हैं, उन्हें अपने खेत की मिट्टी नरम करने के लिए खेत खुदवाने होंगे। इससे उन्हें अतिरिक्त रुपया खर्च करना होगा। बदलते मौसम को देखकर किसानों के होश उड़े हुए हैं। अगर हवा के तेज झोकों से गेहूं की फसल गिर गई तो उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इसके अलावा इस समय गन्ने की बुआई का काम जोरों पर चल रहा है। किसान सुबह शाम गन्ने की बुआई कर रहे हैं। ज्यादा बारिश पड़ी तो गन्ने का जमाव प्रभावित होगी। जो खेत गन्ना बोने के लिए तैयार हैं, उनमें गन्ना बोने में और देर हो सकती है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार आर्द्रता के अनुसार अभी बारिश होने के आसार नहीं हैं। हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
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बिजनौर । आसमान में छाए बादलों, हवा के झोकों , बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की नींद उड़ा दी हैं। गेहूं की तैयार फसल के लिए बारिश बहुत नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसके अलावा बारिश ज्यादा पड़ी तो किसानों की गन्ना बुआई भी प्रभावित हो सकती है। अगर हवा के तेज झोकों से गेहूं की फसल गिर गई तो उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। सुबह के समय थोड़ी देर के लिए धूप भी निकली, लेकिन 11 बजे तक आसमान में घने बादल छा गए और करीब दस मिनट के लिए तेज बारिश हुई। इस दौरान कहीं कहीं पर हल्की ओलावृष्टि हुई। गेहूं के दाने से कुछ मोटा ओला पड़ा। हवा के झोंके भी चलते रहे। इसके बाद भी पूरा दिन बादल छाए रहे। गनीमत रही की बारिश ज्यादा देर नहीं हुई, जो किसान वसंतकालीन गन्ने की बुआई कर चुके हैं, उन्हें अपने खेत की मिट्टी नरम करने के लिए खेत खुदवाने होंगे। इससे उन्हें अतिरिक्त रुपया खर्च करना होगा। बदलते मौसम को देखकर किसानों के होश उड़े हुए हैं। अगर हवा के तेज झोकों से गेहूं की फसल गिर गई तो उत्पादन 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इसके अलावा इस समय गन्ने की बुआई का काम जोरों पर चल रहा है। किसान सुबह शाम गन्ने की बुआई कर रहे हैं। ज्यादा बारिश पड़ी तो गन्ने का जमाव प्रभावित होगी। जो खेत गन्ना बोने के लिए तैयार हैं, उनमें गन्ना बोने में और देर हो सकती है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार आर्द्रता के अनुसार अभी बारिश होने के आसार नहीं हैं। हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
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