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युवाओं ने शादी में सेहरा नहीं बांधने का संकल्प लिया
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:08 AM IST
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शादी में सेहरा नहीं बांधेंगे शेख बिरादरी के युवक
नींदडू़। शेख बिरादरी के युवाओं ने शादी के अवसर पर सेहरे की रस्म को गैर इस्लामिक बताया। उन्होेंने शादी के अवसर पर दूल्हे के सिर पर सेहरा नहीं बांधने का संकल्प लिया।
बुधवार रात मोहम्मदी मस्जिद में शेख बिरादरी की बैठक में सादात बिरादरी द्वारा बारात में अधिकतम 100 व्यक्ति ले जाने के फैसले की सराहना करते हुए इस फार्मूले को अपने यहां लागू करने का निर्णय लिया गया। दूल्हे के सिर पर सेहरा बांधने को गैर इस्लामिक बताने पर मौजूद युवाओं ने सिर पर सेहरा नहीं बांधने का संकल्प लिया। किसी भी कार्यक्रम में खड़ा होकर खाना खिलाने को अमानवीय बताते हुए बैठाकर खिलाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अल्लाह के हुक्म, नबी के तरीके पर जिंदगी गुजारने, निकाह को आसान, कम खर्चीला बनाने के अलावा पैगंबर की सुन्नतों पर अमल करने पर जोर दिया गया। इस दौरान मौलवी असरार अहमद, मुफ्ती मोहम्मद अशरफ, मौलवी अबरार अहमद, मौलाना सिराजुद्दीन, कारी लईक अहमद, शेखान बिरादरी की ओर से मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मौलाना अब्दुल अलीम, कारी मुजाहिदुल इस्लाम, काजी नूर अहमद, मोहम्मद आफाक, सरदार अहमद, मुजीबुर्रहमान, मोहम्मद कासिम, सईदुल हसन पप्पू, सईद अहमद, मसऊद अहमद, शराफत हुसैन, फिरासत हुसैन, रईस अहमद, हाजी आसिफ, हाफिज नदीम, महबूब अहमद आदि मौजूद रहे।
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नींदडू़। शेख बिरादरी के युवाओं ने शादी के अवसर पर सेहरे की रस्म को गैर इस्लामिक बताया। उन्होेंने शादी के अवसर पर दूल्हे के सिर पर सेहरा नहीं बांधने का संकल्प लिया।
बुधवार रात मोहम्मदी मस्जिद में शेख बिरादरी की बैठक में सादात बिरादरी द्वारा बारात में अधिकतम 100 व्यक्ति ले जाने के फैसले की सराहना करते हुए इस फार्मूले को अपने यहां लागू करने का निर्णय लिया गया। दूल्हे के सिर पर सेहरा बांधने को गैर इस्लामिक बताने पर मौजूद युवाओं ने सिर पर सेहरा नहीं बांधने का संकल्प लिया। किसी भी कार्यक्रम में खड़ा होकर खाना खिलाने को अमानवीय बताते हुए बैठाकर खिलाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अल्लाह के हुक्म, नबी के तरीके पर जिंदगी गुजारने, निकाह को आसान, कम खर्चीला बनाने के अलावा पैगंबर की सुन्नतों पर अमल करने पर जोर दिया गया। इस दौरान मौलवी असरार अहमद, मुफ्ती मोहम्मद अशरफ, मौलवी अबरार अहमद, मौलाना सिराजुद्दीन, कारी लईक अहमद, शेखान बिरादरी की ओर से मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मौलाना अब्दुल अलीम, कारी मुजाहिदुल इस्लाम, काजी नूर अहमद, मोहम्मद आफाक, सरदार अहमद, मुजीबुर्रहमान, मोहम्मद कासिम, सईदुल हसन पप्पू, सईद अहमद, मसऊद अहमद, शराफत हुसैन, फिरासत हुसैन, रईस अहमद, हाजी आसिफ, हाफिज नदीम, महबूब अहमद आदि मौजूद रहे।
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