{"_id":"5a8331ba4f1c1b2d068b67a2","slug":"31518547386-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर परिवार को गाय देने की योजना पर अमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर परिवार को गाय देने की योजना पर अमल
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर परिवार को गाय देने की योजना पर अमल
बिजनौर। सीएम की हर परिवार को गाय देने की योजना का अमली जामा पहनाने के लिए पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है। अब जिले में गायों की संख्या बढ़ाने पर काम होगा। इसके लिए बछिया ही पैदा करने का अभियान शुरू हो चुका है। इसके लिए पशुपालन विभाग पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्वदेशी सांड़ का सीमन उपलब्ध कराएगा।
सीवीओ भूपेंद्र सिंह के अनुसार पशु के नर या मादा होने का निर्धारण गुणसूत्र से होता है। नर पशु में एक्स वाई और मादा में वाई वाई गुणसूत्र होते हैं। एक्स एक्स गुणसूत्र मिलने पर बछिया पैदा होती है। नई तकनीक में डिवीजन करके वाई स्पर्म हटा दिए जाते हैं। सीएम की घर-घर गाय पहुंचाने की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए पायलेट योजना में बछिया पैदा करो अभियान चलाया गया है। उत्तरप्रदेश पशुधन विकास परिषद पर बछिया पैदा करने वाला सीमन उपलब्ध कराने का जिम्मा है। पशुपालन विभाग इसके लिए पशुपालकों को जागरूक कर रहा है। पशुपालकों को अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए गाय की नस्ल बदलने की सलाह दी जा रही है। सीवीओ स्वयं सीएम की गाय दो योजना को साकार करने के लिए बछिया पैदा करो अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
गाय की नस्ल बदलने का स्वदेशी सीमन
बिजनौर। सीवीओ भूपेंद्र सिंह के अनुसार अब तक नस्ल बदलने के लिए विदेश से सीमन मंगाया जाता था। इससे एचएफ तथा जर्सी नस्ल की बछिया पैदा होती है। अब नस्ल बदलने के लिए स्वदेशी सीमन तैयार कर लिया गया है। इससे साहिवाल, गिर नस्ल अर्थात टाट वाली बछिया पैदा होंगी। उत्तरप्रदेश पशुधन विकास परिषद लखनऊ स्वदेशी सीमन सप्लाई करता है। जिला पशुधन विकास कार्यालय पशुपालक की मांग पर सीमन उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। सीएम की हर परिवार को गाय देने की योजना का अमली जामा पहनाने के लिए पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है। अब जिले में गायों की संख्या बढ़ाने पर काम होगा। इसके लिए बछिया ही पैदा करने का अभियान शुरू हो चुका है। इसके लिए पशुपालन विभाग पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्वदेशी सांड़ का सीमन उपलब्ध कराएगा।
सीवीओ भूपेंद्र सिंह के अनुसार पशु के नर या मादा होने का निर्धारण गुणसूत्र से होता है। नर पशु में एक्स वाई और मादा में वाई वाई गुणसूत्र होते हैं। एक्स एक्स गुणसूत्र मिलने पर बछिया पैदा होती है। नई तकनीक में डिवीजन करके वाई स्पर्म हटा दिए जाते हैं। सीएम की घर-घर गाय पहुंचाने की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए पायलेट योजना में बछिया पैदा करो अभियान चलाया गया है। उत्तरप्रदेश पशुधन विकास परिषद पर बछिया पैदा करने वाला सीमन उपलब्ध कराने का जिम्मा है। पशुपालन विभाग इसके लिए पशुपालकों को जागरूक कर रहा है। पशुपालकों को अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए गाय की नस्ल बदलने की सलाह दी जा रही है। सीवीओ स्वयं सीएम की गाय दो योजना को साकार करने के लिए बछिया पैदा करो अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
विज्ञापन
गाय की नस्ल बदलने का स्वदेशी सीमन
बिजनौर। सीवीओ भूपेंद्र सिंह के अनुसार अब तक नस्ल बदलने के लिए विदेश से सीमन मंगाया जाता था। इससे एचएफ तथा जर्सी नस्ल की बछिया पैदा होती है। अब नस्ल बदलने के लिए स्वदेशी सीमन तैयार कर लिया गया है। इससे साहिवाल, गिर नस्ल अर्थात टाट वाली बछिया पैदा होंगी। उत्तरप्रदेश पशुधन विकास परिषद लखनऊ स्वदेशी सीमन सप्लाई करता है। जिला पशुधन विकास कार्यालय पशुपालक की मांग पर सीमन उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन