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प्रशासन पर दलित दमन का लगाया आरोप
Updated Fri, 02 Feb 2018 11:09 PM IST
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भागूवाला । गांव श्यामीवाला में संत रविदास जयंती पर झंडा जुलूस न निकालने देने के विरोध में तीसरे दिन भी महिलाएं धरने पर बैठीं। महिलाओं ने प्रशासन पर दलितों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
शुक्रवार सुबह रविदास धर्मशाला के निकट स्थापित रविदास झंडे पर दलित समाज की कई महिलाएं एकत्र हुईं। रविदास जयंती पर प्रशासन द्वारा झंडा जुलूस रोके जाने से गुस्साईं महिलाओं ने रोष जताते हुए प्रशासन को जमकर कोसा। उनका आरोप था कि पांच वर्ष पहले प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष के दबाव में रविदास झंडा जुलूस को रोक दिया था। महिलाओं का कहना था कि शांतिपूर्वक ढंग से परंपरागत रास्ते से झंडा जुलूस निकालने से हर बार दलित समाज को रोका जा रहा है। यह दलित समाज का दमन है। बबली, ऊषा, मुन्नी, बृजेश, मनोरमा, कुलवेंद्र, भगवती, सीमा, श्यामो, प्रेमवती सहित कई महिलाएं कई घंटे धरने पर बैठने के बाद दोपहर बाद तक भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के न आने पर घरों को लौट गईं। इस दौरान मंडावली पुलिसकर्मी कई जवान गांव में तैनात रहे।
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शुक्रवार सुबह रविदास धर्मशाला के निकट स्थापित रविदास झंडे पर दलित समाज की कई महिलाएं एकत्र हुईं। रविदास जयंती पर प्रशासन द्वारा झंडा जुलूस रोके जाने से गुस्साईं महिलाओं ने रोष जताते हुए प्रशासन को जमकर कोसा। उनका आरोप था कि पांच वर्ष पहले प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष के दबाव में रविदास झंडा जुलूस को रोक दिया था। महिलाओं का कहना था कि शांतिपूर्वक ढंग से परंपरागत रास्ते से झंडा जुलूस निकालने से हर बार दलित समाज को रोका जा रहा है। यह दलित समाज का दमन है। बबली, ऊषा, मुन्नी, बृजेश, मनोरमा, कुलवेंद्र, भगवती, सीमा, श्यामो, प्रेमवती सहित कई महिलाएं कई घंटे धरने पर बैठने के बाद दोपहर बाद तक भी किसी प्रशासनिक अधिकारी के न आने पर घरों को लौट गईं। इस दौरान मंडावली पुलिसकर्मी कई जवान गांव में तैनात रहे।
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