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मानव का अल्प ज्ञान बंधक का कारण-बाबा फुलसंदे वाले
Updated Sun, 12 Nov 2017 12:22 AM IST
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बिजनौर। एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा मंत्र के सृष्टि सत् पुरुष बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि चेतन्य तत्व भी आत्मा है। मानव का अल्प ज्ञान बंधन का कारण है। मानव अहंकार से दूर रहें।
शनिवार को फुलसंदा आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि मानव शरीर नहीं आत्मा है। इसकी जानकारी होना ही आध्यात्म का पहला ज्ञान है। उन्होंने ज्ञान का परिभाषित करते हुए कहा कि ज्ञान बंधन है। अल्प ज्ञान बंधन का कारण बनता है। लोभ तोते की तरह धर्मशास्त्रों को पढ़ते रहते हैं। उनको आत्मा का सही ज्ञान नहीं होता है। ऐसे लोग स्वयं का ज्ञानी मानकर अहंकार से भर जाते है। यही बंधन का कारण है। आश्रम के सेवक धनपति देव ने बताया कि रविवार की शाम गांव अगरी में मलखान सिंह के यहां सत्संग होगा।
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शनिवार को फुलसंदा आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि मानव शरीर नहीं आत्मा है। इसकी जानकारी होना ही आध्यात्म का पहला ज्ञान है। उन्होंने ज्ञान का परिभाषित करते हुए कहा कि ज्ञान बंधन है। अल्प ज्ञान बंधन का कारण बनता है। लोभ तोते की तरह धर्मशास्त्रों को पढ़ते रहते हैं। उनको आत्मा का सही ज्ञान नहीं होता है। ऐसे लोग स्वयं का ज्ञानी मानकर अहंकार से भर जाते है। यही बंधन का कारण है। आश्रम के सेवक धनपति देव ने बताया कि रविवार की शाम गांव अगरी में मलखान सिंह के यहां सत्संग होगा।
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