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बीलनी गांव में जानलेवा हुआ बुखार, दो महिलाओं समेत तीन की मौत
Updated Sun, 27 Aug 2017 02:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नौगावां सादात।
बीलनी गांव में बुखार की चपेट में आईं दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है। करीब सौ लोग बुखार के चपेट में हैं। जिनका इधर-उधर निजी चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा है। परिजनों ने मृतकों की लाशों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। तीन मौतों की सूचना मिलने के बाद भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने गांव की सुध नहीं ली है। इससे ग्रामीणों में सरकारी व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा है।
गांव बीलनी निवासी कौसर (30) पत्नी शकील को छह दिन पहले बुखार ने अपनी गिरफ्त में लिया था, जिसका अमरोहा के एक निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। बीती शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन तब तक वह काल के गाल में समा चुकी थी। यहीं का रहने वाला अब्दुल मजीद (55) बीते 15 दिनों से बुखार से पीड़ित था। इलाज के बाद भी हालत नहीं सुधर रही थी। देर शाम उसकी सांसें भी थम गईं।
गांव निवासी नजराना (19) पुत्री फैय्याज को पिछले आठ दिनों से बुखार था। लगातार परिजन दवा दिला रहे थे, लेकिन सुधरने के बजाय स्थिति बिगड़ती गई। शनिवार की तड़के उसने दम तोड़ दिया। चौबीस घंटे के भीतर गांव में बुखार से तीन मौत होने से ग्रामीण घबराए हैं। मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा है। रो-रोकर हाल बेहाल है। करीब सौ ग्रामीण बुखार से ग्रस्त हैं। ग्राम प्रधान जावेद सैफी की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घटनाओं की बाबत बता दिया गया है। तीनों शवों को दफना कर दिया है।
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बीते साल भी कई ग्रामीणों की गई थी जान
नौगावां सादात। बीलनी गांव में बुखार का प्रकोप हर साल बना रहता है। बीते वर्ष भी बुखार की चपेट में आकर दर्जन भर ग्रामीणों की मौत हुई थी। एक बार फिर यह गांव बुखार की गिरफ्त में हैं, जिसमें रहने वाले लोग उससे तप रहे हैं, लेकिन सेहत महकमे द्वारा उसकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। न ही पिछली घटनाओं से अधिकारी सबक ले रहे हैं।
एक माह बाद होनी थी नजराना की शादी
नौगावां सादात। बुखार से जिस युवती नजराना की मौत हुई है, उसकी शादी होने वाली थी। एक माह बाद उसकी बारात आनी थी, जिसकी तैयारियां परिवार के लोगों द्वारा धीरे-धीरे की जा रही थीं। शादी के जोड़े में बंधने से पहले ही वह इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़कर चली गई। बेटी की मौत का गम परिवार के हर सदस्य को था।
ये ग्रामीण बुखार से ग्रस्त -
कमाल, जमाल, अकबर, रिहान, मो.इमरान, अक्शा परवीन, अजरा परवीन, महविश फात्मा, नेहा परवीन, मो.सूफियान, मो.जुबैर, शैरूल फात्मा, मिस्वाह परवीन, मो.उमर, सारिका, मो.नियाज, निदा आदि।
वायरल फीवर के ये हैं लक्षण -
तेज बुखार आना, गले में खराश होना, जुकाम होना, खांसी रहना, छींके आना।
बुखार से बचाव के तरीके...
अपने घर के आस पास सफाई रखना, साबुन से हाथ धोना, सड़े-गले फलों का सेवन न करना, बुखार आते ही झोलाछापों की बजाय अच्छे चिकित्सक को दिखाना।
तीन लोगों की मौत की खबर मिली है। इसलिए एक टीम गठित की गई है, जो सोमवार को गांव में जाएगी और पीड़ितों का हाल जानेगी। दवाई का वितरण भी करेगी।
- डा. उमर, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी
बुखार से तमाम लोग पीड़ित हैं। तीन लोगों की मौत हुई है। पिछले साल भी गांव में कई लोग बुखार की चपेट में आकर मर गए थे। इस बार फिर से बुखार का प्रकोप है। सूचना देने पर भी महकमे की टीम नहीं आई है।
- जावेद सैफी, ग्राम प्रधान बीलनी।
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नौगावां सादात।
बीलनी गांव में बुखार की चपेट में आईं दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है। करीब सौ लोग बुखार के चपेट में हैं। जिनका इधर-उधर निजी चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा है। परिजनों ने मृतकों की लाशों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है। तीन मौतों की सूचना मिलने के बाद भी स्वास्थ्य अधिकारियों ने गांव की सुध नहीं ली है। इससे ग्रामीणों में सरकारी व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा है।
गांव बीलनी निवासी कौसर (30) पत्नी शकील को छह दिन पहले बुखार ने अपनी गिरफ्त में लिया था, जिसका अमरोहा के एक निजी चिकित्सक से उपचार चल रहा था। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। बीती शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन तब तक वह काल के गाल में समा चुकी थी। यहीं का रहने वाला अब्दुल मजीद (55) बीते 15 दिनों से बुखार से पीड़ित था। इलाज के बाद भी हालत नहीं सुधर रही थी। देर शाम उसकी सांसें भी थम गईं।
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गांव निवासी नजराना (19) पुत्री फैय्याज को पिछले आठ दिनों से बुखार था। लगातार परिजन दवा दिला रहे थे, लेकिन सुधरने के बजाय स्थिति बिगड़ती गई। शनिवार की तड़के उसने दम तोड़ दिया। चौबीस घंटे के भीतर गांव में बुखार से तीन मौत होने से ग्रामीण घबराए हैं। मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा है। रो-रोकर हाल बेहाल है। करीब सौ ग्रामीण बुखार से ग्रस्त हैं। ग्राम प्रधान जावेद सैफी की मानें तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को घटनाओं की बाबत बता दिया गया है। तीनों शवों को दफना कर दिया है।
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बीते साल भी कई ग्रामीणों की गई थी जान
नौगावां सादात। बीलनी गांव में बुखार का प्रकोप हर साल बना रहता है। बीते वर्ष भी बुखार की चपेट में आकर दर्जन भर ग्रामीणों की मौत हुई थी। एक बार फिर यह गांव बुखार की गिरफ्त में हैं, जिसमें रहने वाले लोग उससे तप रहे हैं, लेकिन सेहत महकमे द्वारा उसकी रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। न ही पिछली घटनाओं से अधिकारी सबक ले रहे हैं।
एक माह बाद होनी थी नजराना की शादी
नौगावां सादात। बुखार से जिस युवती नजराना की मौत हुई है, उसकी शादी होने वाली थी। एक माह बाद उसकी बारात आनी थी, जिसकी तैयारियां परिवार के लोगों द्वारा धीरे-धीरे की जा रही थीं। शादी के जोड़े में बंधने से पहले ही वह इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़कर चली गई। बेटी की मौत का गम परिवार के हर सदस्य को था।
ये ग्रामीण बुखार से ग्रस्त -
कमाल, जमाल, अकबर, रिहान, मो.इमरान, अक्शा परवीन, अजरा परवीन, महविश फात्मा, नेहा परवीन, मो.सूफियान, मो.जुबैर, शैरूल फात्मा, मिस्वाह परवीन, मो.उमर, सारिका, मो.नियाज, निदा आदि।
वायरल फीवर के ये हैं लक्षण -
तेज बुखार आना, गले में खराश होना, जुकाम होना, खांसी रहना, छींके आना।
बुखार से बचाव के तरीके...
अपने घर के आस पास सफाई रखना, साबुन से हाथ धोना, सड़े-गले फलों का सेवन न करना, बुखार आते ही झोलाछापों की बजाय अच्छे चिकित्सक को दिखाना।
तीन लोगों की मौत की खबर मिली है। इसलिए एक टीम गठित की गई है, जो सोमवार को गांव में जाएगी और पीड़ितों का हाल जानेगी। दवाई का वितरण भी करेगी।
- डा. उमर, प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी
बुखार से तमाम लोग पीड़ित हैं। तीन लोगों की मौत हुई है। पिछले साल भी गांव में कई लोग बुखार की चपेट में आकर मर गए थे। इस बार फिर से बुखार का प्रकोप है। सूचना देने पर भी महकमे की टीम नहीं आई है।
- जावेद सैफी, ग्राम प्रधान बीलनी।