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जम्मू में फंसे रावली के 30 मजदूर
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जम्मू में फंसे रावली के 30 मजदूर
बेगावाला (बिजनौर)। गांव रावली के मजदूरों को एक ठेकेदार जम्मू में मजदूरी दिलाने नाम पर कारगिल से भी 150 किलोमीटर ऊपर लेकर चला गया। वहां मजदूरों को छोड़कर ठेकेदार भाग गया। पहाड़ी क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी होने से मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। गांव वाले इकट्ठा होकर भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी के पास पहुंचे और सारा मामला बताया। ऐश्वर्य चौधरी ने डीएम को मामले से अवगत कराया है। वे मजदूरों को लाने के लिए खुद जम्मू जाने की तैयारी कर रहे हैं। मजदूरों को एयरलिफ्ट कराकर लाने की बात कही जा रही है।
एक ठेकेदार गांव रावली के 30 लोगों को जम्मू में अच्छे पैसों पर काम दिलाने का लालच देकर ले गया था। ठेकेदार मजदूरों को लेह लद्दाख होते हुए कारगिल से भी 150 किलोमीटर ऊपर पद्म सिटी ले गया। वहां किसी पावर प्लांट का काम चल रहा है। ठेकेदार वहां मजदूरों को छोड़कर भाग गया। उनके खाने पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं की। इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उन्होंने अपने परिजनों को फोन करके सारे हालात बताए तो वे भी सन्न रह गए। मंगलवार को गांव वाले बुध सिंह, अर्जुन, परम सिंह, पीतम, रेखा, चंदो, मुन्नी, चंद्रवती आदि भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी से मिले।
ऐश्वर्य चौधरी ने इसके बारे में डीएम उमेश मिश्रा को बताया। उन्होंने मजदूरों को लाने की व्यवस्था के लिए एक टूर एंड ट्रेवल कंपनी से संपर्क साधा है। वे मजदूरों को वापस लाने की कवायद में जुट गए हैं। ऐश्वर्य चौधरी ने बताया कि मजदूरों के लिए तीन मिनी बस हायर की गई हैं जो ऊंचाई तक जाती हैं। मजदूूरों को पद्म सिटी से कारगिल लाया जाएगा और वहां से लेह। लेह से मजदूरों को एयरलिफ्ट करके दिल्ली जाया जाएगा और वहां से बिजनौर लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे मजदूरों को लेने के लिए खुद जा रहे हैं। बुधवार को वे गांव वालों के पास पहुंच जाएंगे। हर एक श्रमिक को सकुशल लाना उनका लक्ष्य है।
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जम्मू में फंसे लोगों के नाम
बेगावाला। मजदूरी के नाम पर गांव रावली के राम सिंह, लक्खा, चेतन, संजय, सुमित, दीपक, देवा, कल्लू, परशुराम, सद्दीक, रामौतार, संतराम, अनिल, मुन्नू सहित 30 मजदूर फंसे हैं।
जिलाधिकारी ने जम्मू प्रशासन से की बात
बिजनौर। कारगिल से ऊपर फंसे रावली के 30 मजदूरों को वापस लाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। डीएम उमेश मिश्रा ने वहां के एक आईएएस अफसर से बात कर बिजनौर के लोगों को लाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। डीएम ने बताया कि एक व्यक्ति रावली के करीब तीस लोगों को मजदूरी कराने के लिए ले गया था, लेकिन वहां छोड़कर चला गया। इस संबंध में उन्हें जानकारी मिली तो उन्होंने वहां के अफसरों से वार्ता की। वहां के अफसरों की मदद से लोगों को वापस लाया जाएगा। वहां से करीब चार दिन में वे लोग श्रीनगर आएंगे। इसके बाद उन्हें बिजनौर लाने की व्यवस्था की जाएगी।
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बेगावाला (बिजनौर)। गांव रावली के मजदूरों को एक ठेकेदार जम्मू में मजदूरी दिलाने नाम पर कारगिल से भी 150 किलोमीटर ऊपर लेकर चला गया। वहां मजदूरों को छोड़कर ठेकेदार भाग गया। पहाड़ी क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी होने से मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। गांव वाले इकट्ठा होकर भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी के पास पहुंचे और सारा मामला बताया। ऐश्वर्य चौधरी ने डीएम को मामले से अवगत कराया है। वे मजदूरों को लाने के लिए खुद जम्मू जाने की तैयारी कर रहे हैं। मजदूरों को एयरलिफ्ट कराकर लाने की बात कही जा रही है।
एक ठेकेदार गांव रावली के 30 लोगों को जम्मू में अच्छे पैसों पर काम दिलाने का लालच देकर ले गया था। ठेकेदार मजदूरों को लेह लद्दाख होते हुए कारगिल से भी 150 किलोमीटर ऊपर पद्म सिटी ले गया। वहां किसी पावर प्लांट का काम चल रहा है। ठेकेदार वहां मजदूरों को छोड़कर भाग गया। उनके खाने पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं की। इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी से मजदूरों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उन्होंने अपने परिजनों को फोन करके सारे हालात बताए तो वे भी सन्न रह गए। मंगलवार को गांव वाले बुध सिंह, अर्जुन, परम सिंह, पीतम, रेखा, चंदो, मुन्नी, चंद्रवती आदि भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी से मिले।
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ऐश्वर्य चौधरी ने इसके बारे में डीएम उमेश मिश्रा को बताया। उन्होंने मजदूरों को लाने की व्यवस्था के लिए एक टूर एंड ट्रेवल कंपनी से संपर्क साधा है। वे मजदूरों को वापस लाने की कवायद में जुट गए हैं। ऐश्वर्य चौधरी ने बताया कि मजदूरों के लिए तीन मिनी बस हायर की गई हैं जो ऊंचाई तक जाती हैं। मजदूूरों को पद्म सिटी से कारगिल लाया जाएगा और वहां से लेह। लेह से मजदूरों को एयरलिफ्ट करके दिल्ली जाया जाएगा और वहां से बिजनौर लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे मजदूरों को लेने के लिए खुद जा रहे हैं। बुधवार को वे गांव वालों के पास पहुंच जाएंगे। हर एक श्रमिक को सकुशल लाना उनका लक्ष्य है।
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जम्मू में फंसे लोगों के नाम
बेगावाला। मजदूरी के नाम पर गांव रावली के राम सिंह, लक्खा, चेतन, संजय, सुमित, दीपक, देवा, कल्लू, परशुराम, सद्दीक, रामौतार, संतराम, अनिल, मुन्नू सहित 30 मजदूर फंसे हैं।
जिलाधिकारी ने जम्मू प्रशासन से की बात
बिजनौर। कारगिल से ऊपर फंसे रावली के 30 मजदूरों को वापस लाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। डीएम उमेश मिश्रा ने वहां के एक आईएएस अफसर से बात कर बिजनौर के लोगों को लाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। डीएम ने बताया कि एक व्यक्ति रावली के करीब तीस लोगों को मजदूरी कराने के लिए ले गया था, लेकिन वहां छोड़कर चला गया। इस संबंध में उन्हें जानकारी मिली तो उन्होंने वहां के अफसरों से वार्ता की। वहां के अफसरों की मदद से लोगों को वापस लाया जाएगा। वहां से करीब चार दिन में वे लोग श्रीनगर आएंगे। इसके बाद उन्हें बिजनौर लाने की व्यवस्था की जाएगी।