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Bijnor News: नौ साल में 26984 व्यापारियों ने छोड़ा कारोबार

Tue, 20 Oct 2026 11:52 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:52 PM IST
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26,984 traders quit business over nine years
एक्सक्लूसिव::
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- व्यापार, ठेकेदारी नहीं चलने सहित कारणों की वजह से रद हुए जीएसटी पंजीकरण
नंबर गेम
- 57746 व्यापारियों ने साल 2017 से अब तक जीएसटी में पंजीकरण कराया था
- 30762 व्यापारियों के जीएसटी पंजीकरण वर्तमान में क्रियाशील हैं
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। बिजनौर में नौ साल में 26,984 कारोबारियों के जीएसटी पंजीकरण निरस्त हो गए। यानी जीएसटी में पंजीकरण कराने वाले हर दो में से करीब एक कारोबारी अब सक्रिय नहीं है। किसी का व्यापार नहीं चला, तो किसी की ठेकेदारी दम तोड़ गई। मुनाफा नहीं मिला तो कारोबार समेटना पड़ा। जीएसटी के आंकड़े बता रहे हैं कि जिले में कारोबार शुरू करने वालों से कहीं बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिन्होंने कारोबार बंद कर दिया।

वर्ष 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद से अब तक जिले में कुल 57,746 लोगों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से वर्तमान में केवल 30,762 व्यापारी ही कारोबार कर रहे हैं। जिले में व्यापार और कारोबार के क्षेत्र में बीते नौ वर्षों के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जीएसटी लागू होने के बाद बड़ी संख्या में व्यापारियों और कारोबारियों ने इसके तहत अपना पंजीकरण कराया था। मगर समय के साथ कई कारोबारियों का कामकाज बंद हो गया। इसके चलते उन्हें अपना जीएसटी पंजीकरण भी निरस्त कराना पड़ा।
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जीएसटी विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, पंजीकरण कराने वाले करीब 47 प्रतिशत व्यापारी अब जीएसटी के दायरे में सक्रिय नहीं हैं। व्यापारियों के पंजीकरण रद्द होने के पीछे कारोबार में अपेक्षित मुनाफा नहीं मिलना भी एक वजह मानी जा रही है। कुछ कारोबारियों को व्यापार में नुकसान होने के कारण काम बंद करना पड़ा, जबकि कुछ का ठेकेदारी का काम नहीं चल सका। ऐसे में कारोबार जारी नहीं रहने पर जीएसटी पंजीकरण निरस्त हो गए।
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राज्य जीएसटी के 15073 पंजीकरण रद्द हुए
व्यापार के हिसाब से लोग केंद्र और राज्य में जीएसटी पंजीकरण कराते हैं। ऐसे में जिले में साल 2017 से 32660 लोगों ने राज्य और 25086 लोगों ने केंद्र में अपना पंजीकरण कराया है। इसके सापेक्ष राज्य के 15073 और केंद्र के 11911 पंजीकरण रद्द हो चुके हैं।

-- इसलिए कराते हैं जीएसटी पंजीकरण
- ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यापार करने के लिए
- ठेकेदारी का काम करने के लिए
- बैंक लोन और करंट अकाउंट
- राज्य और अंतरराज्य व्यापार के लिए
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वर्जन::
व्यापार या ठेकेदारी नहीं चल पाने की वजह से जीएसटी पंजीकरण निरस्त हो गए हैं। एक जुलाई 2017 से जीएसटी पंजीकरण शुरू हुए। तब से अब तक 26984 जीएसटी पंजीकरण रद्द हुए हैं। - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक), जीएसटी, बिजनौर
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