{"_id":"608461278ebc3e245801d4ab","slug":"24-ventilators-in-bijnor-district-hospital-no-one-running-bijnor-news-mrt535888368","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर जिला अस्पताल में 24 वेंटिलेटर, चलाने वाला कोई नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर जिला अस्पताल में 24 वेंटिलेटर, चलाने वाला कोई नहीं
विज्ञापन
बिजनौर जिला अस्पताल में 24 वेंटिलेटर, चलाने वाला कोई नहीं
बिजनौर। कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए वेंटिलेटर और ऑक्सीजन के लिए मारामारी मची हुई है। व्यवस्था के हालात यह हैं कि जिला अस्पताल में 24 वेंटिलेटर होने के बावजूद मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। क्योंकि यहां वेंटिलेटर चलाने की योग्यता रखने वाला कोई कर्मचारी ही नहीं था। हालांकि अब इन वेंटिलेटर को चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है और अगले माह तक इनके चलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
शासन के निर्देश पर लगभग एक साल पहले ही जिला अस्पताल को चार पोर्टेबल वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां पर इनकी संख्या बढ़ाकर 24 कर दी गई थी। जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या तो बढ़ाई गई, लेकिन अभी तक इनमें से एक भी वेंटिलेटर किसी गंभीर रोगी के काम नहीं आ सका। इसका कारण विशेषज्ञ चिकित्सक, एनीस्थिसिया और लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति न होना है। पिछले साल शासन की ओर से लखनऊ से दो एनीस्थिसिया भेजे थे, लेकिन इनमें एक ही यहां पर आए थे, जबकि एक ने ज्वाइन ही नहीं किया था। इसके थोड़े दिनों बाद ही दूसरे एनीस्थिसिया भी वहां से चले गए थे। अब वेंटिलेटर संचालित करने के लिए जिला महिला अस्पताल के एनीस्थिसिया डॉ. एफसी वर्मा और जनपद में कार्यरत दूसरे एनीस्थिसिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार की मदद ली जाएगी। इसके लिए दोनों चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि इन वेंटिलेटर को चलाने के लिए टेक्नीशियन रखने का निर्णय किया है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही इन्हें शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
बिजनौर। कोरोना पीड़ित मरीजों के लिए वेंटिलेटर और ऑक्सीजन के लिए मारामारी मची हुई है। व्यवस्था के हालात यह हैं कि जिला अस्पताल में 24 वेंटिलेटर होने के बावजूद मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। क्योंकि यहां वेंटिलेटर चलाने की योग्यता रखने वाला कोई कर्मचारी ही नहीं था। हालांकि अब इन वेंटिलेटर को चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है और अगले माह तक इनके चलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
शासन के निर्देश पर लगभग एक साल पहले ही जिला अस्पताल को चार पोर्टेबल वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां पर इनकी संख्या बढ़ाकर 24 कर दी गई थी। जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या तो बढ़ाई गई, लेकिन अभी तक इनमें से एक भी वेंटिलेटर किसी गंभीर रोगी के काम नहीं आ सका। इसका कारण विशेषज्ञ चिकित्सक, एनीस्थिसिया और लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति न होना है। पिछले साल शासन की ओर से लखनऊ से दो एनीस्थिसिया भेजे थे, लेकिन इनमें एक ही यहां पर आए थे, जबकि एक ने ज्वाइन ही नहीं किया था। इसके थोड़े दिनों बाद ही दूसरे एनीस्थिसिया भी वहां से चले गए थे। अब वेंटिलेटर संचालित करने के लिए जिला महिला अस्पताल के एनीस्थिसिया डॉ. एफसी वर्मा और जनपद में कार्यरत दूसरे एनीस्थिसिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंदक के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार की मदद ली जाएगी। इसके लिए दोनों चिकित्सकों को निर्देशित कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि इन वेंटिलेटर को चलाने के लिए टेक्नीशियन रखने का निर्णय किया है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही इन्हें शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन