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अमर उजाला में खबर छपते ही ब्लाक शौचालयों में लटके ताले खुले, ग्रामीणों ने बोला धन्यवाद अमर उजाला
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:31 AM IST
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ब्लाक शौचालयों में लटके ताले खुले
धामपुर। अमर उजाला समाचारपत्र में खबर छपते ही ब्लाक परिसर में विकास विभाग की ओर से केंद्र सरकार के भारत स्वच्छता अभियान के तहत लाखों की लागत से बने शौचालयों में लटके ताले खुल गए। शौचालयों में लटके तालों के खुलने से ब्लाक में आने वाली महिलाओं और पुरुषों से अमर उजाला का धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि अमर उजाला संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित न करता तो अभी भी ब्लाक के अधिकारियों द्वारा इन इज्जतघरों में पिछले कई महीनों से लटके तालों को न खोला जाता।
विकास विभाग की ओर से ब्लाक परिसर में महिला और पुरुष इज्जतघर को लाखों की लागत से इस उद्देश्य के साथ बनाया गया है। जिससे केंद्र सरकार की भारत स्वच्छता मिशन का सपना पूरी तरह से साकार हो। ब्लाक में आने वाला कोई भी व्यक्ति या महिला खुले में शौच न करें। पर यहां पर तो विभाग के अधिकारियों ने ही मिशन को पलीता लगा रखा था। ब्लाक के दोनों शौचालयों में ताले डाल रखे थे। अमर उजाला ने 13 दिसंबर के अंक में पेज नंबर पांच पर जब संबंधित खबर को ब्लाक में बने शौचालय में लटके ताले शीर्षक से प्रमुुखता से प्रकाशित किया तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने खबर छपते ही इज्जतघरों में लटके तालों को खुलवा दिया। शौचालयों के लटके ताले खुलने पर ब्लाक में आए ग्रामीण भूदेव सिंह, रवि कुमार, करन सिंह, कुशलपाल सिंह, सुशील कुमार, कविता रानी, गणेशिया ने कहा कि यह सब अखबार में खबर छपने से ही हो सका है, नहीं तो अभी भी लगे ताले नहीं खुलते।
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धामपुर। अमर उजाला समाचारपत्र में खबर छपते ही ब्लाक परिसर में विकास विभाग की ओर से केंद्र सरकार के भारत स्वच्छता अभियान के तहत लाखों की लागत से बने शौचालयों में लटके ताले खुल गए। शौचालयों में लटके तालों के खुलने से ब्लाक में आने वाली महिलाओं और पुरुषों से अमर उजाला का धन्यवाद ज्ञापित किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि अमर उजाला संबंधित खबर को प्रमुखता से प्रकाशित न करता तो अभी भी ब्लाक के अधिकारियों द्वारा इन इज्जतघरों में पिछले कई महीनों से लटके तालों को न खोला जाता।
विकास विभाग की ओर से ब्लाक परिसर में महिला और पुरुष इज्जतघर को लाखों की लागत से इस उद्देश्य के साथ बनाया गया है। जिससे केंद्र सरकार की भारत स्वच्छता मिशन का सपना पूरी तरह से साकार हो। ब्लाक में आने वाला कोई भी व्यक्ति या महिला खुले में शौच न करें। पर यहां पर तो विभाग के अधिकारियों ने ही मिशन को पलीता लगा रखा था। ब्लाक के दोनों शौचालयों में ताले डाल रखे थे। अमर उजाला ने 13 दिसंबर के अंक में पेज नंबर पांच पर जब संबंधित खबर को ब्लाक में बने शौचालय में लटके ताले शीर्षक से प्रमुुखता से प्रकाशित किया तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने खबर छपते ही इज्जतघरों में लटके तालों को खुलवा दिया। शौचालयों के लटके ताले खुलने पर ब्लाक में आए ग्रामीण भूदेव सिंह, रवि कुमार, करन सिंह, कुशलपाल सिंह, सुशील कुमार, कविता रानी, गणेशिया ने कहा कि यह सब अखबार में खबर छपने से ही हो सका है, नहीं तो अभी भी लगे ताले नहीं खुलते।
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