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24 घंटों में आवासों , भवनों को खाली करने की घोषणा से हड़कंप
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:22 AM IST
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भवनों को खाली करने की घोषणा से हड़कंप
कालागढ़। उत्तराखंड प्रशासन ने कालागढ़ की नई और केंद्रीय कॉलोनी में उत्तर दिशा के आवासों और भवनों को 24 घंटों में खाली करने की घोषणा की है। जिससे जनता में हड़कंप है।
रामगंगा भवन में तहसीलदार सुनील कुमार राज ने सिंचाई, वन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उच्चस्तरीय अधिकारियों ने कालागढ़ की कालोनियों में उत्तर दिशा में स्थित आवासों और भवनों को 24 घंटों में खाली कराये जाने को कहा है। जिसकी माइक से घोषणा की। यह भूमि वन विभाग को दी जानी है। बैठक में रामगंगा बांध परियोजना के एई किशोर कुमार, एमके लखवाण, राजस्व विभाग के अधिकारी, थानाध्यक्ष रियाज अहमद, वन विभाग के कर्मचारी आदि मौजूद रहे। बैठक के बाद तहसीलदार घोषणा करने वाले वाहन से नई कॉलोनी और केंद्रीय कॉलोनी की उत्तर दिशा में निरीक्षण किया। घोषणा के दौरान प्रशासन ने चेताया कि जगह खाली न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उनके साथ पुलिस और अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस घोषणा से जनता में हड़कंप है। तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन ने अभी पुनर्वास के आदेश नहीं दिए है। मामला उच्च स्तरीय है। एनजीटी से नहीं मिला अतिरिक्त समय डीएम सुशील कुमार ने पुलिस, वन विभाग, सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि कालागढ़ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण से दिसंबर 2019 तक का समय मांगा गया था। 24 सितंबर को वहां इसे खारिज कर दिया गया। जिसपर उत्तर दिशा में वर्तमान में मौजूद आवासों और भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। उसकी भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी।
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कालागढ़। उत्तराखंड प्रशासन ने कालागढ़ की नई और केंद्रीय कॉलोनी में उत्तर दिशा के आवासों और भवनों को 24 घंटों में खाली करने की घोषणा की है। जिससे जनता में हड़कंप है।
रामगंगा भवन में तहसीलदार सुनील कुमार राज ने सिंचाई, वन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उच्चस्तरीय अधिकारियों ने कालागढ़ की कालोनियों में उत्तर दिशा में स्थित आवासों और भवनों को 24 घंटों में खाली कराये जाने को कहा है। जिसकी माइक से घोषणा की। यह भूमि वन विभाग को दी जानी है। बैठक में रामगंगा बांध परियोजना के एई किशोर कुमार, एमके लखवाण, राजस्व विभाग के अधिकारी, थानाध्यक्ष रियाज अहमद, वन विभाग के कर्मचारी आदि मौजूद रहे। बैठक के बाद तहसीलदार घोषणा करने वाले वाहन से नई कॉलोनी और केंद्रीय कॉलोनी की उत्तर दिशा में निरीक्षण किया। घोषणा के दौरान प्रशासन ने चेताया कि जगह खाली न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उनके साथ पुलिस और अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस घोषणा से जनता में हड़कंप है। तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन ने अभी पुनर्वास के आदेश नहीं दिए है। मामला उच्च स्तरीय है। एनजीटी से नहीं मिला अतिरिक्त समय डीएम सुशील कुमार ने पुलिस, वन विभाग, सिंचाई विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि कालागढ़ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण से दिसंबर 2019 तक का समय मांगा गया था। 24 सितंबर को वहां इसे खारिज कर दिया गया। जिसपर उत्तर दिशा में वर्तमान में मौजूद आवासों और भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। उसकी भूमि वन विभाग को सौंपी जाएगी।
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