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फसलों के अवशेष से खाद बनाने के तरीके बताए
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:31 AM IST
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फसलों के अवशेष से खाद बनाने के तरीके बताए
अमर उजाला ब्यूरो
नगीना। कृषि विज्ञान केंद्र पर फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना पर आयोजित कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में एसडीएम डा.गजेंद्र सिंह ने कहा कि फसलों का अवशेष जलाना अवैध है।
कैंप में 30 प्रगतिशील किसानों को अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए जानकारी दी गई। बताया इन अवशेषों से खाद बनाया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि इस संबंध में अनेक योजनाएं सरकार द्वारा कृषकों के हितों के लिए चलाई जा रही हैं। उन योजनाओं का लाभ कृषकों को उठाना चाहिए। वर्तमान सरकार किसानों के हितो की रक्षा करने वाली सरकार है। कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषकों में काजी अरशद मसूद, हरप्रीत सिंह, हरवेल सिंह, बिजेंदर सिंह, कुंवर शरद सिंह, महेंद्र पाल सिंह, गजेंद्र सिंह, ओम कुमार, अमित कार्य, विकास कुमार, विजय कुमार, गुरजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह रहे। कृषकों को प्रशिक्षित करने वाले वैज्ञानिकों में डा.डीपी सिंह, डा.नरेंद्र सिंह, डा.केके सिंह, डा.राकेश कुमार, डा.विवेक यादव, डा.राजेंद्र सिंह रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नगीना। कृषि विज्ञान केंद्र पर फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना पर आयोजित कृषक वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में एसडीएम डा.गजेंद्र सिंह ने कहा कि फसलों का अवशेष जलाना अवैध है।
कैंप में 30 प्रगतिशील किसानों को अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए जानकारी दी गई। बताया इन अवशेषों से खाद बनाया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि इस संबंध में अनेक योजनाएं सरकार द्वारा कृषकों के हितों के लिए चलाई जा रही हैं। उन योजनाओं का लाभ कृषकों को उठाना चाहिए। वर्तमान सरकार किसानों के हितो की रक्षा करने वाली सरकार है। कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषकों में काजी अरशद मसूद, हरप्रीत सिंह, हरवेल सिंह, बिजेंदर सिंह, कुंवर शरद सिंह, महेंद्र पाल सिंह, गजेंद्र सिंह, ओम कुमार, अमित कार्य, विकास कुमार, विजय कुमार, गुरजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह रहे। कृषकों को प्रशिक्षित करने वाले वैज्ञानिकों में डा.डीपी सिंह, डा.नरेंद्र सिंह, डा.केके सिंह, डा.राकेश कुमार, डा.विवेक यादव, डा.राजेंद्र सिंह रहे।
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