फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   चार से 14 साल के आठ फीसदी बच्चे टीबी के गिरफ्त में

चार से 14 साल के आठ फीसदी बच्चे टीबी के गिरफ्त में

Thu, 13 Sep 2018 12:55 AM IST
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
चार से 14 साल के आठ फीसदी बच्चे टीबी के गिरफ्त में
अमरोहा। टीबी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सघन टीबी खोज अभियान चलाया जा रहा है। रहरा ब्लाक में चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत अब टीबी के 59 रोगियों को चिन्हित किया गया है। इससे पहले यह कार्यक्रम गजरौला में चलाया गया था। आंकड़े बताते हैं कि जिले में पुरुषों के मुकाबले टीबी के महिला रोगियों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन

जिले में 1764 टीबी के मरीजों की कुल संख्या है। इनका जिले के 321 डॉट्स सेंटर पर इलाज चल रहा है। डॉट्स सेंटर से लिए गए आंकड़े के मुताबिक जिलेभर में पुरुषों के बजाय महिला रोगियों की संख्या ज्यादा है। चौंकाने वाली बात है कि चार साल से 14 साल तक के आठ फीसदी बच्चे भी टीबी की गिरफ्त में हैं। अमरोहा सीएचसी पर संचालित डॉटस सेंटर पर पिछले साल नवंबर से जुलाई तक टीबी के 270 मरीजों में से पुरुष 140 जबकि महिलाओं की संख्या 130 है। इसके अलावा सेंटर पर चार से चौदह साल तक 18 बच्चों का भी इलाज चल रहा है। जिले के बाकी डाट्स सेंटर पर टीबी का इलाज करा रहे बच्चों की संख्या दस फीसदी के आसपास है।
विज्ञापन


बड़ों से बच्चे आ रहे टीबी की गिरफ्त में
अमरोहा। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर टीबी का बैक्टीरिया लोगों को शिकार बनाता है। परिवार में किसी व्यक्ति को टीबी की बीमारी से संक्रमण के द्वारा या जेनेटिक कारणों से भी बच्चों को टीबी की बीमारी हो सकती है। परिवार या पड़ोस के टीबी ग्रस्त व्यक्ति से संक्रमण के कारण बच्चों में टीबी फैलना एक सामान्य वजह है। कुछ लोग इलाज के बीच में ही दवाई छोड़ देते हैं। ऐसा रोगी एमडीआर का शिकार होकर टीबी के वाहक के रूप काम करता है और सामान्य रोगी की अपेक्षा ज्यादा तेजी से टीबी को दूसरे लोगों में फैलाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीबी के खात्मे के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे
अमरोहा। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एके सक्सेना ने बताया कि टीबी के खात्मे के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। हर तिमाही में ब्लाकवार सघन टीबी खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसमें टीबी के नए रोगियों को खोजकर इलाज मुहैया करा रहे हैं। जबकि पुराने मरीजों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनके ठीक होने तक कोर्स कराया जा रहा है। रोगी का कोर्स पूरा करने पर पूरा फोकस रखा जा रहा है। ताकि दूसरे लोगों में टीबी की बीमारी न फैले।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed