{"_id":"5b2bf2784f1c1bca228b6cd4","slug":"21529606776-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन जारी
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटावाली और कोठारी नदी में हो रहा अवैध खनन
भागूवाला / नजीबाबाद । क्षेत्र से निकलने वाली कोटावाली और कठियारी नदियों में रेत-बजरी का अवैध खनन जारी है। क्षेत्रीय किसानों ने खनन बुग्गियों के आवागमन से कृषि भूमि प्रभावित होने की बात कहते हुए प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
उत्तराखंड सीमा के निकट भागूवाला क्षेत्र की नदियों में से बुग्गी संचालक जमकर रेत-बजरी का खनन करने में जुटे हैैं। क्षेत्र में रेत-बजरी का खनन पूर्णत: प्रतिबंधित है इसके बावजूद खनन माफिया कोटावाली और कोठारी नदियों का सीना छलनी कर रहे हैं। कोटावाली और कोठारी नदियों में भैंसा बुग्गी संचालक क्षेत्रीय पुलिस, वन विभाग और नेताओं से हमसाज होकर रोजाना 50 से 75 बुग्गी रेत और बजरी अवैध रूप से नदियों से निकाल रहे हैं। बुग्गी संचालक पहले रात के अंधेरे में नदियों से रेत-बजरी खनन करते थे और अब दिन में भी रेत-बजरी का नदियों का खनन और ढुलान चल रहा है। रेत-बजरी के अवैध कारोबार से भागूवाला, श्यामीवाला, सबलगढ़, कोटसराय, रामदासवाली के ग्रामीण जुड़े हैं। ग्रामीणों महेंद्र, मो.सलीम, नवाजिश, अनिल, सुमेर का कहना है कि रेत-बजरी की बुग्गी कई स्थानों पर रात के अंधेरे में खेतों से निकाली जा रही हैं। जिससे उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
भागूवाला / नजीबाबाद । क्षेत्र से निकलने वाली कोटावाली और कठियारी नदियों में रेत-बजरी का अवैध खनन जारी है। क्षेत्रीय किसानों ने खनन बुग्गियों के आवागमन से कृषि भूमि प्रभावित होने की बात कहते हुए प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
उत्तराखंड सीमा के निकट भागूवाला क्षेत्र की नदियों में से बुग्गी संचालक जमकर रेत-बजरी का खनन करने में जुटे हैैं। क्षेत्र में रेत-बजरी का खनन पूर्णत: प्रतिबंधित है इसके बावजूद खनन माफिया कोटावाली और कोठारी नदियों का सीना छलनी कर रहे हैं। कोटावाली और कोठारी नदियों में भैंसा बुग्गी संचालक क्षेत्रीय पुलिस, वन विभाग और नेताओं से हमसाज होकर रोजाना 50 से 75 बुग्गी रेत और बजरी अवैध रूप से नदियों से निकाल रहे हैं। बुग्गी संचालक पहले रात के अंधेरे में नदियों से रेत-बजरी खनन करते थे और अब दिन में भी रेत-बजरी का नदियों का खनन और ढुलान चल रहा है। रेत-बजरी के अवैध कारोबार से भागूवाला, श्यामीवाला, सबलगढ़, कोटसराय, रामदासवाली के ग्रामीण जुड़े हैं। ग्रामीणों महेंद्र, मो.सलीम, नवाजिश, अनिल, सुमेर का कहना है कि रेत-बजरी की बुग्गी कई स्थानों पर रात के अंधेरे में खेतों से निकाली जा रही हैं। जिससे उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन