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भवन तैयार नही होने से स्टाफ परेशान
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:54 PM IST
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बिजनौर। सपा राज मे शुरू हुआ सीएमओ कार्यालय का नया भवन दो साल बाद भी अधर में लटका है। इससे सीएमओ कार्यालय के स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने भवन के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए शासन से और धन की डिमांड की है।
सपा सरकार में प्रदेश के कई जिले के साथ साथ बिजनौर में सीएमओ कार्यालय को नए भवन की सौगात मिली थी। भवन निर्माण का ठेका मिलने वाली कंपनी पैकफैड ने वर्ष 2015 में इसका निर्माण शुरू कराया था। कंपनी को मार्च 2017 तक भवन निर्माण पूरा कर सीएमओ कार्यालय के हैंडओवर करना था। लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी सीएमओ कार्यालय को भवन हैंडओवर नहीं किया जा सका है। इससे स्टाफ को पुराने भवन में बैठने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टाफ का कहना है कि अधिकांश पुराने भवन को तोड़ दिया गया था। कुछ ही कमरे स्टाफ बैठने के लिए छोड़े गए थे। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में तो पुराने भवन के कमरों में पानी भर जाता है। कंपनी ने एक करोड़ 82 लाख रुपये भी भवन निर्माण के लिए कम बताए है। पैकफैड कंपनी ने निर्माण पूरा करने के लिए शासन से करीब 25 से 30 लाख रुपये का बजट ओर मांगा है। सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि कंपनी को मार्च 2017 में भवन निर्माण पूरा कर उन्हें सौंपना था, लेकिन कंपनी ने भवन निर्माण पूरा करने के लिए शासन से और बजट की डिमांग की है।
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सपा सरकार में प्रदेश के कई जिले के साथ साथ बिजनौर में सीएमओ कार्यालय को नए भवन की सौगात मिली थी। भवन निर्माण का ठेका मिलने वाली कंपनी पैकफैड ने वर्ष 2015 में इसका निर्माण शुरू कराया था। कंपनी को मार्च 2017 तक भवन निर्माण पूरा कर सीएमओ कार्यालय के हैंडओवर करना था। लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी सीएमओ कार्यालय को भवन हैंडओवर नहीं किया जा सका है। इससे स्टाफ को पुराने भवन में बैठने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टाफ का कहना है कि अधिकांश पुराने भवन को तोड़ दिया गया था। कुछ ही कमरे स्टाफ बैठने के लिए छोड़े गए थे। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में तो पुराने भवन के कमरों में पानी भर जाता है। कंपनी ने एक करोड़ 82 लाख रुपये भी भवन निर्माण के लिए कम बताए है। पैकफैड कंपनी ने निर्माण पूरा करने के लिए शासन से करीब 25 से 30 लाख रुपये का बजट ओर मांगा है। सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि कंपनी को मार्च 2017 में भवन निर्माण पूरा कर उन्हें सौंपना था, लेकिन कंपनी ने भवन निर्माण पूरा करने के लिए शासन से और बजट की डिमांग की है।
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