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रसूल पर जान कुर्बान करने कर्बला पहुंचे हबीब इब्ने मजाहिर
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:56 AM IST
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नौगावां सादात। कस्बे के मोहल्ला हफ्ता बाजार स्थित इमाम बारगाह पुख्ता बंगला से छह मोहर्रम का तारीखी जुलूस बरामद किया गया। इसमें मर्सिया ख्वानी मर्सिये खान व अली अंसार ने की।
जुलूस में मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन के खयाम लगाए जाने और बचपन के दोस्त हबीब इब्ने मजाहिर को मदद के लिए बुलाए जाने पर उनके कर्बला के मैदान में पहुंचकर दोस्त के खातिर अपनी जान कुर्बान करने की मंजरकशी की। इसके बाद जुलूस बरामद किया गया। जुलूस में सबसे आगे जुलजुना और इनके पीछे 18 आलम ए मुबारक 18 बनिहाशिम की याद ताजा करा रहे थे। इसके अलावा जुलूस में शबीहे हबीब इब्ने मजाहिर और शबीहे औन मोहम्मद चल रहे थे। इनके पीछे मोहम्मद अशरफ अंजुमने हैदरी का परचम लेकर चल रहे थे। सबसे पीछे अजादार नंगे सिर व नंगे पैर मातम मनाते चले आ रहे थे। जुलूस मोहल्ला बंगला, दौलत शहीद होता हुआ बड़ी इमली पहुंचा। यहां अंजुमने हैदरी के जाहिद नौगान्वी व वसी हैदर ने नोहा पढ़ा। इसके बाद जुलूस मोहल्ला फखरपुरा, कटकुई, हुसैनी चौक, हसन चौक होता हुआ मोहल्ला शाहफरीद पहुंचा। यहां अली शब्बर व आदिल अब्बास ने नोहा पढ़ा। इसके बाद आगे बढ़ता हुआ जुलूस मेन बाजार, पापड़ी, अली चौक, अबु तालिब चौक, बुध बाजार, गुला तालाब होता हुआ हफ्ता बाजार पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस का संचालन मोहम्मद अब्बास ने किया। इसमें नोहे खान, अली सज्जाद, हुसैन अब्बास, कौसर अब्बास, शोबी आदि मौजूद रहे।
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जुलूस में मौलाना मोहम्मद अब्बास ने कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन के खयाम लगाए जाने और बचपन के दोस्त हबीब इब्ने मजाहिर को मदद के लिए बुलाए जाने पर उनके कर्बला के मैदान में पहुंचकर दोस्त के खातिर अपनी जान कुर्बान करने की मंजरकशी की। इसके बाद जुलूस बरामद किया गया। जुलूस में सबसे आगे जुलजुना और इनके पीछे 18 आलम ए मुबारक 18 बनिहाशिम की याद ताजा करा रहे थे। इसके अलावा जुलूस में शबीहे हबीब इब्ने मजाहिर और शबीहे औन मोहम्मद चल रहे थे। इनके पीछे मोहम्मद अशरफ अंजुमने हैदरी का परचम लेकर चल रहे थे। सबसे पीछे अजादार नंगे सिर व नंगे पैर मातम मनाते चले आ रहे थे। जुलूस मोहल्ला बंगला, दौलत शहीद होता हुआ बड़ी इमली पहुंचा। यहां अंजुमने हैदरी के जाहिद नौगान्वी व वसी हैदर ने नोहा पढ़ा। इसके बाद जुलूस मोहल्ला फखरपुरा, कटकुई, हुसैनी चौक, हसन चौक होता हुआ मोहल्ला शाहफरीद पहुंचा। यहां अली शब्बर व आदिल अब्बास ने नोहा पढ़ा। इसके बाद आगे बढ़ता हुआ जुलूस मेन बाजार, पापड़ी, अली चौक, अबु तालिब चौक, बुध बाजार, गुला तालाब होता हुआ हफ्ता बाजार पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस का संचालन मोहम्मद अब्बास ने किया। इसमें नोहे खान, अली सज्जाद, हुसैन अब्बास, कौसर अब्बास, शोबी आदि मौजूद रहे।
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