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छूट से अधिक मिट्टी का खनन किया तो नपेंगे
Updated Fri, 10 Nov 2017 11:38 PM IST
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छूट से अधिक मिट्टी का खनन किया तो नपेंगे
नजीबाबाद।
ग्रामीण अंचलों में 10 ट्रॉली मिट्टी का निजी उपयोग करने पर रॉयल्टी, शुल्क से छूट मामले में प्रदेश सरकार ने मिट्टी के व्यवसायिक दुरुपयोग को रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को निजी उपयोग के लिए एक कैलेंडर वर्ष में 10 ट्रॉली मिट्टी उपयोग करने की छूट के साथ मिट्टी खनन को हरीझंडी दी थी। भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग ने इस संबंध में जिला प्रशासन को दिशा निर्देश जारी किए हैं। विशेष सचिव डॉ. बलकार सिंह की ओर से छोटे-छोटे गृह कार्यों, कुम्हार कार्य, मत्स्य पालन के लिए तालाब तैयार करने हेतु अधिकतम 10 ट्रॉली मिट्टी से अतिरिक्त मिट्टी का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रशासन को कड़ी निगाह रखने को कहा है। शासनादेश के अनुसार निजी उपयोग की मिट्टी निकालने के लिए खेत स्वामी को दो प्रतियों में आवेदन एसडीएम/बीडीओ को करना होगा। जिसमें खेत की गाटा संख्या सहित विवरण, कितनी मिट्टी की आवश्यकता है, किस कार्य के लिए मिट्टी ली जा रही है, मिट्टी निकासी का स्थान, निकासी स्थल से गंतव्य स्थल के बीच की दूरी, मार्ग का ब्योरा, मिट्टी निकासी में उपयोग में लगे ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर, चालक आदि का पते सहित विवरण का ब्योरा प्रशासन को दो प्रतियों में उपलब्ध कराना होगा। यदि छूट से अधिक की मिट्टी की जरूरत है तो किसान को उप्र उप खनिज (परिहार) नियमावली 1963 के प्रावधानों में खनन अनुज्ञा पत्र प्राप्त करना होगा।
विशेष सचिव ने राजस्व विभाग, खान अधिकारी, खान निरीक्षक, बीडीओ और एसडीएम को मिट्टी छूट का दुरुपयोग होने पर जिम्मेदार बताते हुए मिट्टी खनन करने वालों पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। छूट का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ शासन ने कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
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नजीबाबाद।
ग्रामीण अंचलों में 10 ट्रॉली मिट्टी का निजी उपयोग करने पर रॉयल्टी, शुल्क से छूट मामले में प्रदेश सरकार ने मिट्टी के व्यवसायिक दुरुपयोग को रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को निजी उपयोग के लिए एक कैलेंडर वर्ष में 10 ट्रॉली मिट्टी उपयोग करने की छूट के साथ मिट्टी खनन को हरीझंडी दी थी। भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग ने इस संबंध में जिला प्रशासन को दिशा निर्देश जारी किए हैं। विशेष सचिव डॉ. बलकार सिंह की ओर से छोटे-छोटे गृह कार्यों, कुम्हार कार्य, मत्स्य पालन के लिए तालाब तैयार करने हेतु अधिकतम 10 ट्रॉली मिट्टी से अतिरिक्त मिट्टी का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रशासन को कड़ी निगाह रखने को कहा है। शासनादेश के अनुसार निजी उपयोग की मिट्टी निकालने के लिए खेत स्वामी को दो प्रतियों में आवेदन एसडीएम/बीडीओ को करना होगा। जिसमें खेत की गाटा संख्या सहित विवरण, कितनी मिट्टी की आवश्यकता है, किस कार्य के लिए मिट्टी ली जा रही है, मिट्टी निकासी का स्थान, निकासी स्थल से गंतव्य स्थल के बीच की दूरी, मार्ग का ब्योरा, मिट्टी निकासी में उपयोग में लगे ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर, चालक आदि का पते सहित विवरण का ब्योरा प्रशासन को दो प्रतियों में उपलब्ध कराना होगा। यदि छूट से अधिक की मिट्टी की जरूरत है तो किसान को उप्र उप खनिज (परिहार) नियमावली 1963 के प्रावधानों में खनन अनुज्ञा पत्र प्राप्त करना होगा।
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विशेष सचिव ने राजस्व विभाग, खान अधिकारी, खान निरीक्षक, बीडीओ और एसडीएम को मिट्टी छूट का दुरुपयोग होने पर जिम्मेदार बताते हुए मिट्टी खनन करने वालों पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। छूट का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ शासन ने कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
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