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भाकियू का तंग आए तो जंग आए का ऐलान
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भाकियू का ‘तंग आए तो जंग आए’ का एलान
बिजनौर। भाकियू ने जिला प्रशासन पर गन्ना भुगतान का झूठा आश्वासन देते हुए डीएम को पत्र भेजा। पत्र में 31 जनवरी को चांदपुर मिल में बैठक कर भुगतान के लिए अब अंतिम आंदोलन का एलान किया है। भाकियू ने कहा ‘तंग आए तो जंग आए’ की घोषणा की है। जिला प्रशासन से बताया कि किसान भुगतान के लिए अब रोज रोज आंदोलन नहीं करेंगे। अब एक ही बार में बड़ा आंदोलन कर भुगतान लिया जाएगा।
गन्ना बकाया भुगतान के लिए दो जनवरी से भाकियू का चांदपुर तहसील में धरना चल रहा है। किसानों ने वेव ग्रुप के पिछले साल गन्ना बकाया भुगतान न करने से नाराज हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार बुधवार को पंचायत में बैठक के बाद भाकियू ने डीएम अटल कुमार राय के लिए एक पत्र लिखा है। प्रतिनिधि मंडल ने यह पत्र डीएम कार्यालय में दिया। पत्र में बताया कि जिला प्रशासन व वेव ग्रुप के पदाधिकारी कई बार भुगतान कराने का झूठा आश्वासन दे चुके हैं। 21 जनवरी को हुए आंदोलन में ग्रुप के पदाधिकारियों ने 31 जनवरी तक भुगतान का वादा किया था। लेकिन पिछले साल का भुगतान भी किसानों को अब तक नहीं मिली है। कहा कि बिजली के बिल जमा करने पर ब्याज में 31 जनवरी तक छूट चल रही है। किसान अपने बिजली बिल व बाकी कर्ज जमा नहीं कर पा रहे हैं। इस कर्ज पर ब्याज लग रहा है। जबकि किसानों के बकाया भुगतान पर एक रुपये का भी ब्याज नहीं मिलता है। कहा कि गांवों में कहावत है कि तंग आए तो जंग आए। इसी पर अमल करते हुए अब भाकियू गन्ना भुगतान के लिए अंतिम आंदोलन करेगी। 31 जनवरी को चांदपुर तहसील में होने वाली जिलास्तरीय बैठक में आंदोलन की घोषणा की जाएगी। कहा कि अब भाकियू के सामने करो या मरो की स्थिति है। किसानों के सब्र की सीमा अब टूट चुकी है। कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था के लिए शासन, प्रशासन और मिल मालिक जिम्मेदार होंगे।
चार चीनी मिल ने बढ़ाई परेशान
क्षेत्र के किसान वेव ग्रुप की बिजनौर, चांदपुर मिल के पुराने व नए, बिलाई और बरकातपुर मिल के नए साल का भुगतान न होने से आक्रोशित हैं। किसानों का कहना है कि अपने ही पैसे के लिए वे एक माह से तहसील में हैं। मिल और प्रशासनिक अफसर केवल आश्वासन ही दे रहे हैं।
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बिजनौर। भाकियू ने जिला प्रशासन पर गन्ना भुगतान का झूठा आश्वासन देते हुए डीएम को पत्र भेजा। पत्र में 31 जनवरी को चांदपुर मिल में बैठक कर भुगतान के लिए अब अंतिम आंदोलन का एलान किया है। भाकियू ने कहा ‘तंग आए तो जंग आए’ की घोषणा की है। जिला प्रशासन से बताया कि किसान भुगतान के लिए अब रोज रोज आंदोलन नहीं करेंगे। अब एक ही बार में बड़ा आंदोलन कर भुगतान लिया जाएगा।
गन्ना बकाया भुगतान के लिए दो जनवरी से भाकियू का चांदपुर तहसील में धरना चल रहा है। किसानों ने वेव ग्रुप के पिछले साल गन्ना बकाया भुगतान न करने से नाराज हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार बुधवार को पंचायत में बैठक के बाद भाकियू ने डीएम अटल कुमार राय के लिए एक पत्र लिखा है। प्रतिनिधि मंडल ने यह पत्र डीएम कार्यालय में दिया। पत्र में बताया कि जिला प्रशासन व वेव ग्रुप के पदाधिकारी कई बार भुगतान कराने का झूठा आश्वासन दे चुके हैं। 21 जनवरी को हुए आंदोलन में ग्रुप के पदाधिकारियों ने 31 जनवरी तक भुगतान का वादा किया था। लेकिन पिछले साल का भुगतान भी किसानों को अब तक नहीं मिली है। कहा कि बिजली के बिल जमा करने पर ब्याज में 31 जनवरी तक छूट चल रही है। किसान अपने बिजली बिल व बाकी कर्ज जमा नहीं कर पा रहे हैं। इस कर्ज पर ब्याज लग रहा है। जबकि किसानों के बकाया भुगतान पर एक रुपये का भी ब्याज नहीं मिलता है। कहा कि गांवों में कहावत है कि तंग आए तो जंग आए। इसी पर अमल करते हुए अब भाकियू गन्ना भुगतान के लिए अंतिम आंदोलन करेगी। 31 जनवरी को चांदपुर तहसील में होने वाली जिलास्तरीय बैठक में आंदोलन की घोषणा की जाएगी। कहा कि अब भाकियू के सामने करो या मरो की स्थिति है। किसानों के सब्र की सीमा अब टूट चुकी है। कहा कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था के लिए शासन, प्रशासन और मिल मालिक जिम्मेदार होंगे।
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चार चीनी मिल ने बढ़ाई परेशान
क्षेत्र के किसान वेव ग्रुप की बिजनौर, चांदपुर मिल के पुराने व नए, बिलाई और बरकातपुर मिल के नए साल का भुगतान न होने से आक्रोशित हैं। किसानों का कहना है कि अपने ही पैसे के लिए वे एक माह से तहसील में हैं। मिल और प्रशासनिक अफसर केवल आश्वासन ही दे रहे हैं।
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