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जमीन की फर्द न जमा करने वाले किसानों की होगी जांच
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:09 AM IST
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बिजनौर। शासन खेती की जमीनों की फर्द खतौनी जमा नहीं करने वाले गन्ना किसानों पर शिकंजा कसने में लग गया है। शासन ने इन किसानों के जमीनों का ब्यौरा राजस्व भूलेख साइट से प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार इन किसानों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गड़बड़ी मिलने पर सट्टा बंद करने के साथ गन्ना प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई होगी।
शासन ने सट्टों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अभियान चला रखा है। इसके अंतर्गत किसानों से खेती की जमीन की खतौनी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा गया था। अनेक किसानों ने राजस्व अभिलेख जमा नहीं किए। शासन ने किसानों को राहत देते हुए नौ गन्ना समितियों पर 25 सितंबर से 30 सितंबर तक विशेष सट्टा संशोधन मेले लगे। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार इसके बाद भी हजारों किसानों ने फर्द खतौनी जमा नहीं की हैं। खतौनी जमा नहीं करने वाले किसानों की गांववार सूची तैयार करने में नौ टीम लगी हैं। इसके बाद इन किसानों का शासन की राजस्व भूलेख साइट से मिलान करके यह पता लगाया जाएगा कि उनके पास जमीन है या नहीं है। विभाग की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं। किसान को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई होगी। गन्ना विभाग के जिला सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के अनुसार नौ गन्ना समितियों के 2680 गांव में करीब तीन लाख 22 हजार किसान हैं। सर्वे प्रदर्शन के दौरान करीब 12 हजार फर्जी सट्टे पकड़े जा चुके हैं। जिन किसानों ने फर्द जमा नहीं की है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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शासन ने सट्टों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अभियान चला रखा है। इसके अंतर्गत किसानों से खेती की जमीन की खतौनी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा गया था। अनेक किसानों ने राजस्व अभिलेख जमा नहीं किए। शासन ने किसानों को राहत देते हुए नौ गन्ना समितियों पर 25 सितंबर से 30 सितंबर तक विशेष सट्टा संशोधन मेले लगे। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार इसके बाद भी हजारों किसानों ने फर्द खतौनी जमा नहीं की हैं। खतौनी जमा नहीं करने वाले किसानों की गांववार सूची तैयार करने में नौ टीम लगी हैं। इसके बाद इन किसानों का शासन की राजस्व भूलेख साइट से मिलान करके यह पता लगाया जाएगा कि उनके पास जमीन है या नहीं है। विभाग की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं। किसान को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई होगी। गन्ना विभाग के जिला सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के अनुसार नौ गन्ना समितियों के 2680 गांव में करीब तीन लाख 22 हजार किसान हैं। सर्वे प्रदर्शन के दौरान करीब 12 हजार फर्जी सट्टे पकड़े जा चुके हैं। जिन किसानों ने फर्द जमा नहीं की है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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